चन्दुखेड़ी स्थित भूमि पर लगाए गए 200 से अधिक आम, जामफाल, कटहल, अमरूद, संतरा, चिकू, अनार, खिरनी सहित कई दुर्लभ एवं फलदार वृक्षों को बचाने की गुहार वहां के किसान परिवारों ने संभागायुक्त, कलेक्टर, वनमंडल अधिकारी, तहसीलदार के समक्ष लगाई है।
किसानों ने कहा कि बड़नगर रोड पर बन रहे राष्ट्रीय राज मार्ग उज्जैन से बदनावर में सड़क निर्माण के लिए ठेकेदार पीली मिट्टी निकाल रहे हैं। उक्त भूमि पर लगे वृक्षों को नष्ट किया जा रहा है। इस कारण यहां पर्यावरण एवं जीव जन्तु, पशु, पक्षी पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। 6 हेक्टेयर से अधिक भूमि में 5 हेक्टेयर भूमि लगभग 25 बीघा भूमि से मिट्टी खोदी जा चुकी है, केवल मात्र उक्त भूमि जिसमें वृक्ष लगे हैं शेष है। उक्त वृक्ष लगे वन में भी ठेकेदार ने खुदाई प्रारम्भ कर दी है। जिस कारण मिट्टी का क्षरण हो रहा है तथा पेड़ पौधे एवं जीव जन्तु को भारी नुकसान हो रहा है।
हिन्दुलाल एवं कमल पिता नागुलाल निवासी नलवा ने बताया कि इन पेड़ पौधों को बच्चों की तरह पाला है। सरकार चाहे तो पूरी जमीन ले ले लेकिन इन पेड़ पौधों को नुकसान न पहुंचाने दे। 20 वर्षों से लगे पौधे पर्यावरण के लिए एवं पशु पक्षी के लिए लाभदायक होकर अत्यधिक जनउपयोगी वृक्ष है।
आस-पास अन्य किसानों की कृषि योग्य भूमि है, लेकिन ठेकेदार द्वारा खुदाई किए जाने के कारण अन्य कृषकों की कृषि योग्य भूमि में भी मिट्टी का भरण हो रहा है, जिससे अन्य किसानों की कृषि भूमि एवं फसल भी प्रभावित हो रही है। किसानों ने कहा कि उक्त भूमि के अतिरिक्त ग्राम खरेट एवं नलवा में अन्य भूमियां स्थित है जिनमें से मिट्टी की खुदाई की जा सकती है, उक्त भूमि के आस-पास कोई वन या अन्य किसान की भूमि भी नहीं है।
नदी किनारे की इस भूमि खुदाई से पर्यावरण, जीव जन्तु एवं अन्य किसानों को किसी प्रकार का कोई हानि या क्षति नहीं होगी। किसानों ने मांग की कि जनहित में ग्राम चन्दुखेड़ी सर्वे नंबर 65 की लगभग 4 बीघा में स्थित वन जिसमें लगभग 200 से अधिक फलदार, दुर्लभ एवं औषद्यीय वृक्ष लगे है उसका संरक्षण करते हुए उक्त भूमि पर की जा रही खुदाई को रूकवाई जाए।
किसानों ने बताया कि जिस जगह पेड़ पौधों की हत्या पर ठेकेदार उतारू हैं। वह क्षेत्र उज्जैन दक्षिण विधानसभा में आता है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान प्रतिदिन एक पौधा रोप रहे हैं, लेकिन वहीं हाल ही में मुख्यमंत्री बने डॉ. मोहन यादव के क्षेत्र में सड़क ठेकेदार 200 पेड़ पौधों की हत्या करने पर उतारू हैं। किसानों ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है कि इतने पेड़ पौधों की हत्या होने से रोकें।