बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुए चक्रवाती तूफान अर्णब का असर अब मालवा तक पहुंचने वाला है। उज्जैन की शासकीय जीवाजी वेधशाला के अधीक्षक डॉ. राजेन्द्र प्रसाद गुप्त ने बताया कि इस सिस्टम के प्रभाव से 29 अक्टूबर गुरुवार से उज्जैन सहित पूरे मध्य प्रदेश में मौसम बदलने जा रहा है।
डॉ. गुप्त ने बताया कि मौसम विभाग के राष्ट्रीय बुलेटिन के अनुसार चक्रवाती तूफान अर्णब इस समय मध्य और उससे लगे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर स्थित है। पिछले 6 घंटों में यह 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम की ओर बढ़ा है और आज इसके अति प्रचंड चक्रवाती तूफान में बदलने की पूरी संभावना है। डॉ. राजेन्द्र प्रसाद गुप्त के अनुसार यह तूफान कल सुबह तक बापटला और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश और यानम के तटों को पार करेगा। इस दौरान हवा की अधिकतम गति 115 से 125 किमी प्रति घंटा रहेगी, जबकि झोंकों की गति 140 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तट पार करने के बाद यह सिस्टम कमजोर होकर मध्य भारत की ओर बढ़ेगा।
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उज्जैन में क्या होगा असर....?
जीवाजी वेधशाला के अधीक्षक डॉ. गुप्त ने बताया कि इस चक्रवाती सिस्टम की शुरुआत दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश से होगी और धीरे-धीरे इसका दायरा मालवा-उज्जैन तक फैलेगा। गुरुवार 29 अक्टूबर से उज्जैन में बादल छाने, गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। अक्टूबर के आखिरी दिनों में हुई यह बारिश ठंड की दस्तक को तेज कर देगी। दिन और रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की गिरावट आ सकती है। करवा चौथ के दिन बादल रहने से चंद्रोदय में देरी या चांद धुंधला दिखने की भी संभावना बनी रहेगी। वेधशाला ने किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अगले 2-3 दिन तक मौसम में यह बदलाव बना रह सकता है।