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Ujjain: सिंहस्थ 2028 के विकास कार्यों की बैठक में पहुंचे सीएम, कहा- शिप्रा नदी में नालों का पानी मिलने से रोके

Sun, 14 Jan 2024 10:39 PM IST
दिनेश शर्मा अमर उजाला, न्यूज डेस्क, उज्जैन

सार

सिंहस्थ 2028 को लेकर सीएम मोहन यादव ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। उज्जैन में बैठक लेकर उन्होंने इस संबंध जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उनका फोकस शिप्रा नदी को शुद्ध बनाकर आचमन योग्य बनाने पर रहा। 
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उज्जैन में सिंहस्थ की तैयारियों को लेकर बैठक ली। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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उज्जैन में सिंहस्थ 2028 को लेकर बैठक आयोजित की गई। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि शिप्रा नदी में श्रद्धालु स्नान करते हैं। आवश्यकता है कि शिप्रा नदी का पानी स्वच्छ निर्मल एवं आचमन योग्य हो, इसलिए इंदौर, उज्जैन एवं देवास के सभी संबंधित अधिकारी शिप्रा नदी में इंदौर, उज्जैन एवं देवास के नालों का गंदा पानी ना मिले, इसकी कार्य योजना बनाएं। 
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि देश एवं प्रदेश का सबसे बड़ा कुंभ मेला सिहस्थ 12 वर्ष में एक बार उज्जैन में जब सिंह राशि में बृहस्पति प्रवेश करते हैं, तो आयोजित किया जाता है। उक्त मेले में साधु, संत, महामंडलेश्वर, गणमान्य नागरिक एवं आम जनता बड़ी संख्या में शामिल होने आती है। सिंहस्थ मेला का आयोजन न केवल उज्जैन के लिए अपितु प्रदेश एवं देश के लिए  एक गौरवशाली क्षण होता है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सभी जगह गंदे पानी को रोकने के लिए पर्याप्त संख्या मे जगह-जगह स्टॉप डैम बनाएं। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि उज्जैन के अलावा सिंहस्थ मेले का इंदौर, देवास, ओंकारेश्वर दादा धुनी  वाले, पशुपतिनाथ मंदिर, बगलामुखी मंदिर में भी सिंहस्थ मेले का विस्तार रहता है। सभी जगह आम जनता की सहभागिता रहती है। हमारी संकल्पना है कि जब श्रद्धालु आए तो मेले में गौरव का अनुभव करें। सिहस्थ 2028 की प्लानिंग में साधु संतों की सलाह पर ही सारी कार्य योजना बने । 
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सीएम ने नाराजगी जताई
डॉ. यादव ने पूर्व में कान्ह नदी का गंदा पानी शिप्रा में रोकने के लिए बनाई गई 99 करोड़ रुपए की असफल डवयवर्शन प्लानिंग पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि 2016 के सिंहस्थ में अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि शिप्रा नदी शुद्ध एवं साफ रहेंगी, पानी पीने योग्य रहेगा लेकिन करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी बनी योजना असफल रही। योजना असफल  क्यों हुई इसका पता लगाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा दोबारा ना हो। इस बार गलत प्लानिंग हुई तो अधिकारियों के लिए जिम्मेदारी तय की जाएगी। 
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