उज्जैन के सरकारी आयुर्वेदिक कॉलेज का एक बाबू मृतक की अनुग्रह राशि निकालने के लिए घूस मांग रहा था। इसकी शिकायत लोकायुक्त को हुई तो उसने जाल बिछाया। फिर मंगलवार को सहायक ग्रेड 3 अधिकारी को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार करवा दिया।
लोकायुक्त पुलिस इंस्पेक्टर बसंत श्रीवास्तव के अनुसार उज्जैन के मंगलनाथ रोड पर शासकीय आयुर्वेदिक कॉलेज में है। यहां वार्ड बॉय रहे संतोष श्रीवास्तव की 2019 में बीमारी की वजह से मौत हो गई थी। इसके बाद उन्हें ग्रेज्युटी समेत अन्य राशि का भुगतान होना था।
परिजनों ने इस मामले में कोर्ट केस किया तो जल्द से जल्द भुगतान करने के आदेश हुए। इसके बाद भी छह माह से संतोष के जवाई जीवन श्रीवास्तव अनुग्रह राशि के लिए चक्कर लगा रहे थे। तब सहायक ग्रेड 3 अधिकारी ब्रजेश धाकड़ ने 50 हजार रुपये के एवज में पांच हजार रुपये की मांग कर दी। जीवन ने इसकी शिकायत लोकायुक्त को कर दी। तब योजनाबद्ध तरीके से धाकड़ को पांच हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।
4.22 लाख रुपये चुकाने का आदेश
सरकारी आयुर्वेद कॉलेज में वार्डबॉय रहे संतोष श्रीवास्तव ने सरकारी दस्तावेज में किसी को भी वारिस नहीं बनाया था। इस वजह से कॉलेज प्रशासन ने राशि देने से इनकार किया था। तब संतोष श्रीवास्तव की दो बेटियों ने अदालत की शरण ली थी। वहां से 4.22 लाख रुपये के भुगतान के निर्देश दिए गए थे। इसमें ही 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि का भुगतान होना था, जिसकी खातिर बाबू ने पांच हजार रुपये की घूस मांग रहा था।