भगवान श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के साथ वैसे तो देश-विदेश में इस गौरव के क्षण की धूम मची हुई है। लेकिन धार्मिक नगरी उज्जैन में आज भगवान श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के साथ अखंड रामचरित मानस पाठ का समापन हुआ, जिसे 101 ब्राह्मणों के द्वारा किया जा रहा था।
मकर सक्रांति से कृष्णा मिश्रा गुरुजी के तत्वावधान में त्रिवेणी शनि मंदिर पर चल रहे अखंड रामचरित मानस पाठ का समापन हुआ। कृष्णा गुरुजी ने बताया कि शनि नव ग्रह मंदिर त्रिवेणी से सूर्य देव की सवारी जो राम धुन मे निकली थी, उसी के 101 बटुक ब्राह्मण पाठ कर रहे हैं, जिन बटुक के नाम राम से हैं, उन्हीं के द्वारा पूर्ण आहुति कृष्णा गुरुजी के सानिध्य में सूर्य वेद मंडल वेद विद्यालय के प्रमुख आचार्य सोम जी के मार्गदर्शन में हुई।
समापन राम हवन से हुआ, जिसमें सभी बटुक ब्राह्मण ने कृष्णा गुरुजी के साथ पूर्ण आहुति दी। आयोजन में इंदौर भोपाल से लोग अनुष्ठान में पधारे थे। इस दौरान अनिल कुमार, विजय केलकर, अतुल मीना स्वागत सौर्य वेद महा विद्यालय के सोम आचार्य ने किया।