उज्जैन में विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान द्वारा आयोजित अखिल भारतीय संस्कृति महोत्सव का आयोजन प्रारंभ हो चुका है। 19 नवंबर तक सरस्वती विद्या मदिर ॠषि नगर में हो रहा है। उक्त आयोजन में विद्या भारती मालवा प्रान्त द्वारा लोक संस्कृति से जुड़ी अनेक विधाओं की राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी। संस्कृति ज्ञान प्रश्न मंच, कथा कथन, तात्कालिक भाषण, मूर्ति कला और लोक नृत्य प्रतियोगिता में पूरे भारत के विद्या भारती के 11 क्षेत्रों के 46 प्रान्तों के 400 विद्यार्थी सहभागिता कर रहे हैं।
शहीद राजाभाउ महाकाल संस्कृति दीर्घा (प्रदर्शनी) का मुख्य अतिथियों के द्वारा लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि नवनीत भसीन डीआईजी, विशेष अतिथि बालकृष्ण शर्मा पूर्व कुलपति, अध्यक्षता डॉ. अंशु घोष एमडी गायनोलॉजिस्ट उपस्थित रहे। संस्कृति दीर्घा (प्रदर्शनी) में प्राचीन वाद्ययंत्र बास के वफ, बेंत का नगाड़ा, संगमरमर का नगाड़ा, लकड़ी का शंख, पत्थर तरंग, मूंज का उमरु के साथ ही अतिप्राचीन वनवासी भाई बहनों की वेशभूषा, आभूषण, लोकनृत्य भगोरिया, कर्मा नृत्य, माच नृत्य, मालवा नृत्य एवं उज्जैन के धर्मिक स्थल महाकाल मंदिर, महाकाल लोक, हरसिद्धी (शक्ति पीठ), कालभैरव, मगंलनाथ मंदिर, सांदीपनी आश्रम, नवगृह शनि मदिर तथा पर्यंटन स्थल भेड़ाघाट, खजुराहो एवं भारत की पहली वैदिक घड़ी ड़ोंगला वेघशाला आदि के चलचित्र की प्रदर्शन हेतु लगाए गए हैं।
महोत्सव का विधिवत् उद्घाटन समारोह संकुल हाल कालिदास अकादमी कोठी रोड पर मुख्य अतिथि बाल योगी उमेश नाथ महाराज सांसद राज्यसभा, विशेष अतिथि गोविंद चंद्र संगठन मंत्री, विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान, दिल्ली, अखिलेश मिश्रा सह क्षेत्रीय संगठन मंत्री, मध्य क्षेत्र, गौतम टेटवाल प्रभारी मंत्री, अनिल जैन कालुहेड़ा विधायक के आतिथ्य में होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता ललित तिवारी गोस्वामी अध्यक्ष, संस्कृत शिक्षा संस्थान, कुरूक्षेत्र द्वारा की जाएगी।
मालवा और एमपी की संस्कृति के साक्षात दर्शन
मालवा और एमपी की संस्कृति के साक्षात दर्शन
मालवा और एमपी की संस्कृति के साक्षात दर्शन