कलेक्टर बंगले के बाहर खड़े अभ्यर्थी।
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कोर्ट में विभिन्न पदों पर होने वाली भर्ती प्रक्रिया स्थगित होने से नाराज अभ्यर्थी शनिवार सुबह कलेक्टर बंगले के सामने पहुंच गए। यहां विरोध प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और समझाइश दी।
दरअसल जिला कोर्ट में भृत्य, ड्रायवर, चौकीदार, माली, स्वीपर आदि पदों पर भर्ती प्रक्रिया की जा रही थी। इसके लिए सैकड़ों अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। कोरोना को देखते हुए इसे स्थगित किया गया। इसके साथ ही 8 से 16 जनवरी के बीच होने वाले साक्षात्कार के लिए भी अभ्यर्थियों को ईमेल व एसएमएस के जरिए सूचना भेजी गई है। भर्ती प्रक्रिया स्थगित होने संबंधी आदेश शुक्रवार को जारी किया गया, जिस कारण अभ्यर्थियों को पता नहीं चल सका। वे पहले ही उज्जैन पहुंच चुके थे। इनमें ऐसे युवा भी थे जो दूसरे जिलों से आए थे। जब शनिवार को इसकी जानकारी मिली तो अभ्यर्थी सुबह-सुबह कलेक्टर बंगले के बाहर पहुंच गए। यहां हंगामा करने लगे। बाद में पुलिस बल पहुंचा। अभ्यर्थियों को समझाकर वहां से हटाया। अभ्यर्थियों का कहना था कि उन्हें आज इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था। इसके लिए हमें पत्र देकर सूचना दी गई थी। हम अपने निजी साधनों, ट्रेन व बसों से यहां तक पहुंचे हैं। और यहां आकर पता चला कि इंटरव्यू ही निरस्त कर दिये गए। हमें इसकी सूचना दे देते तो हम यहां तक नहीं आते।