हिन्दू कालगणना और ग्रीनविच पद्धति की घड़ियों को एक साथ देखा जा सकेगा। इसके लिए उज्जैन के रूद्रसागर में वैदिक घड़ी लगाई जाएगी। महाकाल मंदिर विस्तारीकरण योजना के तहत किया जाएगा। शुरुआत में ये घड़ी महाकाल पथ के शुभारंभ के दौरान लगाई जाएगी। इसके लिए वेदिक एप बनाया गया है जो लखनऊ में तैयार किया है।
जानकारी के मुताबिक उज्जैन में जल्द ही वैदिक एप लांच होगा। इसकी तैयारी हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जून में उज्जैन आगमन संभावित है। संभवतः वे ही इस एप को लांच करेंगे। अभी एप की टेस्टिंग चल रही है। इस एप से सनातन धर्म की जानकारी के साथ-साथ पंचांग, तिथि ,अलग-अलग क्षेत्रों की समय गणना जिसमें वैदिक टाइम के साथ जीएमटी टाइम ,इंडियन स्टेंडर्ड टाइम भी देखने को मिलेगा। एप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकेगा। इसको विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के नाम पर देखा जा सकेगा। हालांकि पहले लांचिंग होगी जिसके बाद ही एप डाउनलोड किया जा सकेगा। एप के द्वारा अलग-अलग लोकेशन के सूर्योदय का समय , मुहूर्त काल ,विक्रम संवत कैलेंडर , राहु काल, शुभ मुहूर्त पंचाग सहित समय गणना का भी पता लगाया जा सकेगा।
वर्तमान में दुनिया का निर्धारण 24 घंटे जीएमटी ग्रीनविच पद्धति के अनुसार चल रहा है लेकिन वैदिक घड़ी का समय ऋगवेद के अनुसार बांटा गया है जिसका चक्र 30 घंटे, 30 मिनट ,30 सेकंण्ड का होगा। वैदिक एप में डिजिटल क्लॉक रहेगी। वैदिक पद्धित का समय विक्रम संवत् 2079 के अनुसार ब्रह्म मुहूर्त कैलेंडर ,शुभ मुहूर्त,राहु काल और वेदों से जुड़ी जानकारी के साथ मुहूर्त काल का पता लगाया जा सकेगा। उज्जैन को दुनिया का काल गणना का केंद्र माना जाता है। वैदिक एप के साथ वैदिक घड़ी भी शहर में जल्द ही लगेगी। पहले ये घड़ी टॉवर चौक पर लगने वाली थी लेकिन अब ये घड़ी महाकाल मंदिर के पीछे रुद्रसागर में लगेगी साथ ही अन्य स्थानों पर भी लगाई जा सकती है।