उज्जैन स्थित देशमुख हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर।
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उज्जैन में डॉक्टर की लापरवाही के मामले में पुलिस ने केस दर्ज किया है। आरोप है कि डॉक्टर के पास डिग्री तो होम्योपैथी की है, लेकिन उसने इलाज एलोपैथी पद्धति से किया। इस मामले में अस्पताल के डायरेक्टर को भी आरोपी बनाया गया है।
उज्जैन में देशमुख हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर है। इसके डायरेक्टर श्रीपद देशमुख और डॉक्टर सुरेश शर्मा के खिलाफ नीलगंगा पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार नजरअली मार्ग निवासी देवेन्द्र जैन को कोरोना के चलते अप्रैल में परिजन देशमुख अस्पताल ले गए थे। वहां डॉक्टर ने भर्ती किया था। डॉ. सुरेश शर्मा ने उनका उपचार किया। डॉ. शर्मा के पास होम्योपैथी की डिग्री है, लेकिन इलाज एलोपैथी से किया। 21 अप्रैल को देवेंद्र जैन की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टर पर लापरवाही के आरोप लगाकर शिकायत की। पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू की। इसमें आए तथ्य और साक्ष्य के आधार पर अस्पताल के डायरेक्टर और डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज किया। मृतक देवेंद्र के पिता महेंद्र जैन वकील हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले में सीएमएचओ ने पैनल गठित की थी। इसने भी जांच की। इस जांच में अस्पताल प्रबंधन ने पैनल को गलत बयान दिए और अस्पताल की लापरवाही उजागर हुई। मामले में यह बात भी सामने आई है कि मृतक देवेंद्र जैन को शुगर की बीमारी थी। इसकी जानकारी परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन को दी थी। इसके बाद भी अस्पताल प्रबंधन ने लापरवाही बरतते हुए होम्योपैथी डिग्रीधारी डॉक्टर से एलोपैथी का उपचार करवाया।