मध्यप्रदेश के खंडवा में एक दो साल की मासूम बच्ची को चलती ट्रेन से फेंकने का मामला सामने आया है। दरअसल, रेलवे के रनिंग स्टाफ को पटरियों के पास एक मासूम पड़ी दिखाई दी। उन्होंने जीआरपी को इसकी सूचना दी। जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर बालिका को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। बच्ची के सर में दस टांके आए हैं।
बच्ची की जान तो बच गई है पर फिलहाल उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। जीअरपी का कहना है कि बालिका के माता-पिता की तलाश की जा रही है। उसे फेंका या वह गिर गई, यह जांच के बाद ही पता चल पाएगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार खंडवा से 3 किमी दूर आबना नदी के पास चाबीमैन ने पटरियों के किनारे खून से लथपथ पड़ी 2 साल की बालिका को देखा।
एम्बुलेंस से बालिका को अस्पताल लाया गया। जहां उसके सिर में 10 टांके आए। चाबीमैन सतीश प्रभाकर ने बताया कि मंगलवार सुबह आठ बजे ब्रिज पर चैकिंग की तो यहां कोई नहीं था। सुबह करीब 10 बजे रेलवे ट्रैक पर चैकिंग के दौरान यह बालिका मिली थी। सतीश ने कहा, संभवत: किसी ने बालिका को ट्रेन से फेंका होगा।
देर रात तक किसी की तरफ से भी बच्ची को लेकर कोई रिपोर्ट नहीं दर्ज कराई गई है। फीमेल मेडिकल वार्ड में भर्ती महिलाओं को जैसे ही इस घटना का पता चला, वे बच्ची को देखने पहुंचीं और उसे दुलार किया। कुछ महिलाएं बच्ची के लिए बिस्किट, कपड़े और कुछ खिलौने भी लाईं। बताया जा रहा है कि बच्ची का नाम मिलू रखा गया है।