फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

MP News: मंदसौर के दो किसान भाइयों ने अपने बैलों का किया पिंडदान, गांगोज व मृत्यभोज का भी होगा आयोजन

Mon, 25 Dec 2023 12:46 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंदसौर

सार

MP News: मंदसौर के दो किसान भाइयों ने चार बैलों का परिवार के सदस्य की तरह तीर्थनगरी सोरों में दोनो बैलों की आत्मा शांति के लिए गंगा में अस्थि विसर्जन और पिंडदान किया गया। बताया जाता है कि मृतक बैलों के मालिक किसान को उनसे बहुत प्रेम था और वे उन्हें अपने परिवार का मुखिया मानते थे। इतना ही नहीं दोनों भाईयों ने बैलों के पिंडदान के दौरान अपने बाल भी दिए, जैसे परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु के पश्चात दिए जाते है। आज के मशीनकरण के युग में बैलों के प्रति इतना लगाव और प्रेम कम ही देखने को मिलता है।
विज्ञापन
मंदसौर के दो किसान भाइयों ने अपने बैलों का किया पिंडदान - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बिहार के गया, बनारस, हरिद्वार और सोरों में मनुष्य की अस्थि विसर्जन और पिंडदान होते हुए तो देखा होगा और सुना भी होगा, लेकिन हम आपको कासगंज जनपद की तीर्थ नगरी सोरों क्षेत्र में एक ऐसा अनोखा मामला बताने जा रहे हैं जो आपने कभी न देखा होगा और न सुना होगा। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के रहने वाले किसान भवानी सिंह और उल्फत सिंह ने अपने बैलों का तीर्थ नगरी सोरों क्षेत्र में पहुंचकर गंगा नदी में अस्थि-विसर्जन और पिंडदान किया है।

विज्ञापन


मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के गांव बाग का खेड़ा तहसील भानपुरा के रहने वाले दो भाई भवानी सिंह और उल्फत सिंह के दो जोड़ी बैल थे। भवानी सिंह के बैल माना की मौत तीन महीने पहले जबकि, दूसरे बैल श्यामा ने 16 दिसंबर को दुनिया छोड़ दी। उल्फत सिंह के बैल 8 वर्ष पूर्व कुएं में गिरने के कारण दुनिया छोड़ गए थे।

उल्फत सिंह भी कुएं में गिर गए थे, वह बच गए लेकिन उनके बैलों की मौत हो गई थी, लेकिन उन्होंने तब से अस्थियों को संचित करके रखा हुआ था। दोनों किसान भाइयों ने बैलों का दाह संस्कार पूरे विधि-विधान के साथ किया। इतना ही नहीं बैलों के पिंडदान के पश्चात उनका गंगोज और प्रीतिभोज का अयोजन 26 दिसंबर यानी कल मंगलवार को किया जाएगा। जिसमें रिश्तेदारों तथा गांव के निवासियों सहित तीन हजार से ज्यादा लोगों को आमंत्रित किया गया है।
विज्ञापन


बैलों को पिता के समान दिया सम्मान
तीर्थ पुरोहित उमेश पाठक ने पूरे विधि-विधान से अस्थियों विसर्जन और पिंडदान कराया। पाठक का कहना है कि पुराणों में वर्णित एक श्लोक के अनुसार सभी जीव परमात्मा के अंश हैं और अपनी आत्मा के समान हैं, इसलिए उन्हें इस बात की प्रसन्नता है कि खेती के यंत्रीकरण के दौर में जब लोग गोवंश त्याग करते जा रहे हैं, ऐसे में इन किसानों ने अपने बैलों को पिता के समान सम्मान दिया है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें