एएनआई के मुताबिक, सीबीआई ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2), 85 और 3(5) तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत मामला दर्ज किया है। एफआईआर के अनुसार मृतका त्विषा शर्मा की शादी 9 दिसंबर 2025 को समर्थ सिंह से हुई थी। विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष पर दहेज को लेकर प्रताड़ना के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में कहा गया है कि त्विषा को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जाता था। इस मामले में आरोपी के रूप में सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह के नाम दर्ज किए गए हैं।
एफआईआर के मुताबिक 12 मई 2026 की रात लगभग 10:20 बजे त्विषा की मौत की सूचना मिली थी। पुलिस और मेडिकल जांच में सामने आया कि महिला की मौत फांसी लगाने से हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में “एंटेमॉर्टम हैंगिंग” की पुष्टि हुई, यानी फांसी उस समय लगी जब वह जीवित थी। इसके अलावा शरीर के अन्य हिस्सों पर चोट के निशान भी पाए गए, जिन्हें किसी भारी वस्तु या मारपीट से हुई चोट माना गया है। मृतका के परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से लगातार अतिरिक्त दहेज की मांग की जा रही थी।
मध्यप्रदेश सरकार ने यह मामला सीबीआई को सौंपते हुए दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम की धारा 6 के तहत सहमति प्रदान की। इसके बाद 25 मई 2026 को केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने अधिसूचना जारी कर सीबीआई को पूरे मध्यप्रदेश में जांच का अधिकार दिया। अब सीबीआई इस मामले में दहेज हत्या, प्रताड़ना, आपराधिक साजिश और अन्य संभावित अपराधों की जांच करेगी।
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