टीकमगढ़ कलेक्ट्रेट में बुधवार शाम एक किसान ने टीकमगढ़ जिला प्रशासन से परेशान होकर कलेक्टर चैंबर के बाहर जहर खा लिया। हालत बिगड़ने पर उसे टीकमगढ़ जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।
टीकमगढ़ शहर के पुरानी टेहरी मोहल्ले का रहने वाला सचेन्द्र कुशवाहा ने बुधवार शाम टीकमगढ़ कलेक्ट्रेट में जहर खा लिया। किसान की पत्नी ने बताया कि उसकी फाइल तहसीलदार के यहां रखी हुई है। लेकिन वह लंबे समय से परेशान है और उसकी जमीन पर दबंगों ने कब्जा कर रखा है। उसने बताया कि जब भी तहसीलदार या कलेक्टर के पास जाती है तो उसकी सुनवाई नहीं होती है।
कलेक्ट्रेट में मचा हड़कंप
टीकमगढ़ कलेक्ट्रेट में जिस समय किसान ने जहर खाया, उस समय एक बीसी बैठक चल रही थी। जैसे ही प्रशासनिक अधिकारियों को जानकारी लगी तो मौके पर प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस पहुंची आनन-फानन में 108 एंबुलेंस की सहायता से किसान को टीकमगढ़ जिला चिकित्सालय भेजा गया, जहां पर उसका इलाज जारी है। किसान की पत्नी ने बताया कि उसकी जमीन पर दबंगों ने कब्जा कर लिया है और उसका परिवार पिछले 10 साल से परेशान है, जिसको लेकर वह लगातार टीकमगढ़ कलेक्टर और तहसीलदार के चक्कर लगा रही है। लेकिन कोई समस्या हल नहीं हुई, जिस कारण उनके पति ने कलेक्ट्रेट में जहर खा लिया। हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
टीकमगढ़ कलेक्टर अवधेश शर्मा से जब इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने कहा कि उसकी जमीन पर कब्जे का मामला है और उसकी आर्थिक स्थिति खराब कुछ दिन पहले चैंबर में आया था। लोन दिलाने की बात कर रहा था, जिसके लिए मैंने पिछड़ा वर्ग के तहत 100000 का लोन स्वीकृत कराया था, अभी मुझे पता नहीं है मैं पता करता हूं कि आखिर मामला क्या है।