पेड़ पर चढ़े हुए अतिथि शिक्षक।
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टीकमगढ़ जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में कमजोर मोबाइल नेटवर्क के चलते ऑनलाइन व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत सामने आ रही है। मामला शासकीय हाई स्कूल खरों से सामने आया है, जहां दूसरी पारी की ऑनलाइन हाजिरी दर्ज करने के लिए एक अतिथि शिक्षक को मोबाइल लेकर स्कूल परिसर में लगे पेड़ पर चढ़ना पड़ा।
सामने आई तस्वीरों में खरों शासकीय हाई स्कूल में पदस्थ अतिथि शिक्षक जीवन लाल कुशवाहा मोबाइल लेकर पेड़ पर चढ़े नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि स्कूल परिसर में मोबाइल नेटवर्क की कनेक्टिविटी कमजोर होने के कारण शिक्षक को बेहतर नेटवर्क की तलाश में पेड़ पर चढ़ना पड़ा। पेड़ पर पहुंचने के बाद मोबाइल में नेटवर्क आया और शिक्षक ने शिक्षक पोर्टल ऐप के माध्यम से अपनी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की।
नेटवर्क की समस्या बनी चुनौती
शासकीय विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति ऑनलाइन शिक्षक पोर्टल ऐप के माध्यम से दर्ज की जा रही है। व्यवस्था का उद्देश्य शिक्षकों की उपस्थिति में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करना है, लेकिन ग्रामीण और नेटवर्क प्रभावित क्षेत्रों में कमजोर कनेक्टिविटी इस व्यवस्था के सामने चुनौती बन रही है। खरों स्कूल में सामने आई यह तस्वीर इसी समस्या की ओर इशारा करती है। शिक्षक को निर्धारित समय पर अपनी उपस्थिति दर्ज करने के लिए स्कूल परिसर में ही बेहतर नेटवर्क तलाशना पड़ा। आखिरकार नेटवर्क के लिए पेड़ का सहारा लेना पड़ा।
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शिक्षकों ने उठाई व्यावहारिक समाधान की मांग
शिक्षकों का कहना है कि मोबाइल नेटवर्क की समस्या उनके नियंत्रण में नहीं है। ऐसे में तकनीकी या नेटवर्क संबंधी दिक्कत के कारण समय पर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाने की स्थिति में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
खरों स्कूल की यह तस्वीर अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है।
यह केवल एक शिक्षक की परेशानी नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में ऑनलाइन व्यवस्थाओं को लागू करने से पहले जरूरी तकनीकी सुविधाओं और नेटवर्क कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने की जरूरत को भी सामने लाती है। अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग ऐसे नेटवर्क प्रभावित स्कूलों में ऑनलाइन हाजिरी की समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाता है।