दिगौड़ा पुलिस थाने के अंतर्गत आने वाले धामना गांव से वर्षों पहले लापता हुई तीन बालिकाओं को आखिरकार 10 साल बाद पुलिस ने खोज निकाला। इन तीनों बालिकाओं ने अपने-अपने प्रेमियों से शादी कर ली थी और अपने पतियों के साथ महानगरों में बसकर जीवन यापन कर रही थीं। जब यह लापता हुई थीं, तब अविवाहित थीं, पर अब इनमें से दो बालिकाओं के दो-दो बच्चे हैं और एक गर्भवती है।
लापता होने की घटनाएं
धामना गांव से पहली बालिका 21 फरवरी 2014 को लापता हुई थी। इसी गांव से दूसरी बालिका 2 जून 2017 को और तीसरी बालिका वर्ष 2022 में लापता हुई। उनके परिजनों ने दिगौड़ा पुलिस थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन लंबे समय तक इनका कोई सुराग नहीं मिला।
दस साल बाद मिली सफलता
दिगौड़ा पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 2014 और 2017 में लापता हुई दोनों बालिकाएं चार दिन पहले गांव लौटीं। उन्होंने गांव के ही लोगों से विवाह कर लिया था और अपने परिवार के साथ महानगरों में रह रही थीं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों को बरामद किया और बयान दर्ज कर उनके पतियों के सुपुर्द कर दिया। इसी तरह, 2022 में लापता हुई तीसरी बालिका को हतेरी गांव से बरामद किया गया, जो फिलहाल गर्भवती है और उसका एक बच्चा भी है।
प्रेम विवाह कर महानगरों में बिताए कई वर्ष
पुलिस के अनुसार, तीनों बालिकाओं ने लापता होने के बाद अपने प्रेमियों के साथ विवाह कर लिया था और उनके साथ महानगरों में रहकर जीवन यापन कर रही थीं। इस दौरान वे मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करती रहीं। पुलिस ने बताया कि परिजनों द्वारा इनके प्रेम विवाह का विरोध होने के कारण ये अपने गांव वापस नहीं लौट सकीं और छुपकर जीवन बिता रही थीं। पुलिस भी लंबे समय तक उनकी तलाश करती रही लेकिन उनकी लोकेशन ट्रेस नहीं कर पाई।
बालिग होने पर पतियों को सौंपा
दिगौड़ा पुलिस थाने के प्रधान आरक्षक आनंद ने बताया कि तीनों बालिकाएं बालिग हैं। उनके बयान दर्ज करने के बाद पुलिस ने उन्हें उनकी इच्छा के अनुसार उनके पतियों के पास भेज दिया है।
दस्तयाब बालिकाएं