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माता पिता की मौत के बारे में झूठ बोलने वाले किशोर को सीएम ने दी नसीहत

Wed, 03 Aug 2016 01:03 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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झूठ बोलकर सरकारी मदद लेने और सरकारी योजनाओं का पैसा डकारने के तो बहुत किस्से आपने सुने होंगे लेकिन कोई अगर सीधे मुख्यमंत्री को ही धोखा दे दे तो फिर आप क्या कहेंगे। 
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मध्यप्रदेश में ऐसा ही एक किस्सा सामने आया है जहां एक किशोर ने सरकारी मदद पाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज चौहान के सामने अपने माता पिता को मृतक बता डाला। सीएम ने भी उसकी जरूरत देखते हुए तुंरत उसकी मदद के आदेश जारी कर दिए, लेकिन जब जांच हुई तो किशोर की सारी पोल खुल गई।

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार मामला बड़वानी जिले का है। बड़वानी का रहने वाला 16 वर्षीय मोतीराम बीते 21 जुलाई को भोपाल में मुख्यमंत्री आवास के निकट घूम रहा था। सुरक्षाकर्मियों ने उसकी गतिविधियों को संदेहजनक पाते हुए उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि वह अनाथ है और मुख्यमंत्री से अपने घर और छोटे भाई बहनकी पढ़ाई के लिए मदद चाहता है। वह मुख्यमंत्री से मिलना चाहता था। 
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मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचा तो उन्होंने तुंरत अधिकारियों से उसका आवेदन पत्र लेकर कार्यवाही के लिए कहा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से मोतीराम को इंदिरा आवास योजना और छात्रवृत्ति योजना के तहत मिलने वाले लाभ दिलाने के निर्देश दिए। 
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- फोटो : ANI
यह मामला बड़वाणी के जिला कलेक्‍टर तेजस्वी एस नायक के पास पहुंचा तो उन्होंने एक टीम को मोतीराम द्वारा बताए गए पते मेनीमत्ता पर जांच के लिए भेजा। वहां जाकर अधिकारियों ने जो नजारा देखा उससे वह हैरत में पड़ गए। जिन मां बाप को मोतीराम ने मृतक कहते हुए खुद को अनाथ बताया था वो जिंदा थे। 

यहां तक की उसके दादा भी पूरी तरह स्वस्‍थ थे। मोतीराम का एक बड़ा भाई और छोटी बहन भी घर पर ही मौजूद थे। साफ था 16 साल के किशोर ने फर्जी तरीके से सरकारी सहायता लेने के लिए अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री तक से झूठ बोल डाला था। 

मंगलवार को जब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने बड़वानी के अधिकारियों से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए मीटिंग ली तो कलेक्टर ने मोतीराम के पिता राजाराम को उनके सामने पेश कर उसका सारी पोल खोल दी। कलेक्टर ने गांव के सरपंच और सचिव को भी सच बताने के लिए बुला रखा था। 

मोतीराम का झूठ सामने आते ही मुख्यमंत्री ने उसे माफ तो कर दिया लेकिन यह सलाह जरूर दी कि "माता पिता भगवान का रूप होते हैं इसलिए उनके बारे में कभी ऐसा झूठ नहीं बोलना चाहिए।"
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