विजयराघवगढ़ के संजय पाठक ने 'मतदान' करा लिया है।
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मध्यप्रदेश में भाजपा के एक पूर्व मंत्री ने चुनावों से पहले वोटिंग करा ली। भले ही पार्टी ने उनका नाम फिलहाल तय नहीं किया है, पर उन्होंने जनता से मतदान करा लिया है। 75 प्रतिशत वोट अपने पक्ष में होने के साथ उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से टिकट की दावेदारी भी पेश कर दी है।
दरअसल मामला मध्यप्रदेश के विजयराघवगढ़ का है। यहां से भाजपा विधायक संजय पाठक को जनादेश की मतगणना में लोगों ने 75 प्रतिशत मत देकर अपना विधायक मानते हुए आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की अनुमति दी है। विजयराघवगढ़ विधानसभा से 15 वर्षों में चार बार के विधायक रह चुके पूर्व मंत्री संजय पाठक प्रदेश के दिग्गज नेताओं में गिने जाते हैं। इसकी मुख्य वजह उनके द्वारा क्षेत्र का विकास करना है फिर वो चाहे निजी मद से हो या शासन मद से.... इन सभी कार्यों के आधार पर विधायक संजय पाठक ने जनादेश वोटिंग करवाने का निर्णय लिया था जिसकी मतगणना आज विजयराघवगढ़ मुख्यालय के बस स्टैंड में हुई। इसमें संजय पाठक को एक लाख तीन हजार दो सौ तीन मिले जो करीब 75 प्रतिशत मत है।
विधायक संजय पाठक की विजयराघवगढ़ विधानसभा के 183 ग्राम सहित तीन नगर परिषद में 290 मत पेटी के माध्यम से जनमत वोटिंग कराई गई। जिस पर पूरे विधानसभा के ग्रामीणों ने 1 लाख 37 हजार 55 मत डाले और एक लाख तीन हजार दो सौ तीन मत विधायक संजय पाठक के पक्ष में पड़े तो वही तीस हजार वोट विपक्ष में, यही नही 3767 वोट निरस्त में हुए। बता दें कि दो अगस्त की वोटर लिस्ट के अनुसार विजयराघवगढ़ में 2 लाख 33 हजार 80 वोटर हैं। पुरुष वोटर 1 लाख 20 हजार 821 और महिला वोटर 1 लाख 12 हजार 256 और ट्रांसजेंडर वोटर तीन हैं।
विधायक संजय पाठक ने जनादेश वोटिंग कराने की बात की थी जिसमे 50फीसदी से ज्यादा वोट मिलने पर दी आगामी चुनाव लड़ने की बात कही थी। जिसकी प्रक्रिया 21 अगस्त से 24अगस्त तक वोटिंग हुई तो आज 25 अगस्त को 215 लोगो ने मिलकर 5 चरण में मतगणना कराई है। आरोपों से बचने के लिए विधायक द्वारा वीडियो रिकार्डिंग कराई गई फिलहाल भारी जनादेश मिलने से विधायक संजय पाठक बेहद खुश नज़र आए इस दौरान विधायक संजय पाठक ने कहा की जनादेश में जिन्होंने मुझे विधायकी लड़ने की अनुमति दी उसका आभार वही जिन्होंने वोट नही दिए उन्हे भी मानने की कोशिश करूंगा।