पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मप्र में हो रही गायों की मौत के मामले में शिवराज सरकार से जवाब मांगा है। उनका कहना है कि जब से मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार आई है, प्रदेश में गौ माताओं की भूख-प्यास से व उचित देखरेख के अभाव में मौतें रुकने का नाम नहीं ले रही हैं।
कमलनाथ ने कहा कि विभिन्न जिलों की, विभिन्न गौशालाओं से सैकड़ों गौ माताओं की मौतों की तस्वीरें निरंतर सामने आ रही हैं। बड़े आश्चर्य की बात है कि जो सरकार खुद को सच्चा धर्म प्रेमी बताती है, वही सरकार ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। प्रदेश में गौशालाओं में दिए जा रहे अनुदान के फर्जीवाड़े के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं। कई गौशालाओं को लाखों रुपये का अनुदान दिया गया, लेकिन उसके बाद भी उन गौशालाओं में गौ माताओं की भूख-प्यास व चारे के अभाव में मौत की तस्वीरें सामने आई हैं और वहीं कई गौशालाओं को कई माह से अनुदान नहीं दिए जाने की बात भी सामने आई है।
पूर्व सीएम ने कहा कि हमारी सरकार में हमने गौमाता के संरक्षण व संवर्धन के लिए कई कदम उठाए थे। हमने प्रदेश में एक हज़ार गौशालाओं का निर्माण कार्य प्रारंभ कराया था। वहीं शिवराज सरकार में एक तरफ तो रोज़ गौमाता सड़क पर दुर्घटनाओं का शिकार हो रही हैं, वहीं दूसरी तरफ़ कई ऐसी गौशालाएं हैं जो बनकर तैयार पड़ी हैं लेकिन उनमे गौ माताओं को भेजा नहीं जा रहा है।
कमलनाथ ने आरोप लगाया कि शिवराज सरकार ने आज से 16 माह पूर्व प्रदेश में गौ कैबिनेट बनाने की बढ़-चढ़कर घोषणा की थी। तमाम दावे किए थे, लेकिन आज तक उन पर भी कोई अमल नहीं हुआ है। प्रदेश में गौ माताओं की निरंतर हो रही मौतों पर सरकार मेरे इन सवालों का जवाब दे।
- मध्य प्रदेश में वर्तमान में कुल कितनी गौशाला संचालित हो रही है, उसमें से कितनी सरकारी हैं व कितनी निजी स्तर पर संचालित हो रही हैं?
- इन गौशालाओं में कुल कितना गोवंश वर्तमान में है?
- इन सभी गौशालाओं को सरकार प्रतिवर्ष कितना अनुदान दे रही है?
- क्या अनुदान नियमित रूप से दिया जा रहा है या अनुदान बकाया है?
- यदि अनुदान बाकी है तो कुल कितने माह का व कितना अनुदान अभी तक देना बाकी है?
- इन गौशालाओं में गौवंश के भरण-पोषण व नियमित देख-रेख को लेकर सरकार ने क्या इंतज़ाम किए हैं?
- प्रदेश में शिवराज सरकार के वर्तमान 2 वर्ष के कार्यकाल में कुल कितनी गौ माताओं की मौतें अभी तक हुई हैं, उसके पीछे क्या कारण सामने आए हैं?
- इसके दोषी कौन हैं और उन पर अभी तक क्या कार्रवाई की गई है?
- शिवराज सरकार ने अपने 2 वर्ष के कार्यकाल में क्या प्रदेश में एक भी नई गौशाला का निर्माण कार्य प्रारंभ कराया है?
- प्रदेश के जिन-जिन जिलो से गौ माताओं की मौत की तस्वीरें सामने आई हैं, उन गौशालाओं को कौन संचालित कर रहा था और उन्हें वर्तमान में कुल कितना अनुदान दिया जा रहा था?
- सरकार ने इन 2 वर्षों में गौमाता के संरक्षण व संवर्धन के लिए क्या-क्या कदम उठाए हैं?
- सरकार बताए कि नवंबर-2020 में बनी गौ कैबिनेट की अभी तक कुल कितनी बैठकें हुई हैं, उसमें अभी तक क्या-क्या निर्णय हुए हैं और कौन-कौन से निर्णयों पर अभी तक अमल हुआ है?
उम्मीद है कि सरकार मेरे इन सवालों का जवाब ज़रूर देगी ताकि प्रदेशवासियो के समक्ष शिवराज सरकार की वास्तविकता सामने आ सके।