दमोह जिला अस्पताल के डॉक्टर ने लिखा हिन्दी में पर्चा
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मध्यप्रदेश में एमबीबीएस की पढ़ाई हिंदी में कराए जाने की शुरुआत हो चुकी है। 16 अक्टूबर को भोपाल में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मेडिकल पाठ्यक्रम की हिंदी में लिखी किताबों का विमोचन किया था। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने सभी डाक्टरों से मरीजों के लिए लिखे जाने वाले पर्चे हिंदी में लिखने के लिए कहा था और आरएक्स की जगह पर श्रीहरि लिखने की बात भी कही थी। मुख्यमंत्री की बात का पालन करते हुए दमोह जिला अस्पताल में पदस्थ मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर वेदांत तिवारी ने हाल ही में एक मरीज का पर्चा हिंदी में लिखा और आरएक्स की जगह श्रीहरि लिखा है। यह पर्चा जैसे ही मरीज ने देखा तो वह काफी खुश हो गया क्योंकि सभी दवाइयां उसकी समझ में आ रहीं थी। वहीं इस बात के सामने आने के बाद डॉक्टर तिवारी के हिंदी में लिखे पर्चे की लोग तारीफ कर रहे हैं। जिला प्रबंधन ने इस पर कहा कि यह एक अच्छी शुरुआत है। धीरे-धीरे सभी को इसे अमल में लाने का प्रयास करना होगा। बता दें इससे पहले सतना में भी एक डॉक्टर ने हिन्दी में पर्चा लिखा था जो कि काफी वायरल हुआ था।
जानकारी के अनुसार 17 अक्टूबर की रात दमोह के धर्मपुरा में रहने वाले मरीज जगदीश मिश्रा को तेज बुखार और सिर दर्द की शिकायत होने पर वह जिला अस्पताल पहुंचे थे, जहां कैजुअल्टी में डॉक्टर वेदांत तिवारी की ड्यूटी थी। उन्होंने मरीज की जांच करने के बाद पूरा पर्चा हिंदी में लिख कर सभी दवाइयां हिंदी में लिखीं और पर्ची में Rx की जगह श्रीहरि लिखा। इस मामले पर डॉक्टर वेदांत ने बताया कि हिंदी में पर्चा लिखने की प्रेरणा उन्हें मुख्यमंत्री से मिली है। मेरा हमेशा से प्रयास रहा है कि अस्पताल में आने वाले मरीजों का अच्छे से अच्छा इलाज हो, उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना ना करना पड़े। हिंदी में लिखे हुए पर्चे को मरीज आसानी से पढ़ सकते हैं और समझ सकते हैं। जिला अस्पताल में आने वाले अधिकतम मरीज ग्रामीण क्षेत्र के होते हैं। हिंदी में लिखे हुए पर्चे पढ़ने में आसानी रहेगी और हिंदी का भी प्रचार होगा। बता दें, मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई हिन्दी में कराने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है।