स्लीवलेस, शार्ट्स पहनने का मतलब अंग प्रदर्शन है। देश के कॉर्पोरेट सेक्टर के लिए भावी प्रबंधक तैयार करने वाले विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के प्रबंधन की यही दलील है।
इसी आधार पर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के कॉलेज आईएमएस में विद्यार्थियों के लिए स्लीवलेस ड्रेस और शॉर्ट्स पहनने पर पाबंदी लगा दी गई है।
ताजा ड्रेस कोड की चपेट में पंक्तियां लिखीं टी-शर्ट भी आ गई हैं। इस ड्रेस पुलिसिंग के बाद कैंपस का माहौल बदला नजर आ रहा है।
आईएमएस निदेशक प्रो.पीएन मिश्रा ने सप्ताह भर पहले विद्यार्थियों के लिए ड्रेस कोड को लेकर आदेश जारी किया।
आदेश के मुताबिक संस्थान में सभी विद्यार्थी सभ्य पोशाक पहनकर आएं। आदेश में लिखा गया है कि स्लीवलेस ड्रेस या शॉर्ट्स पहनकर आने वाले किसी भी विद्यार्थी को कक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
विद्यार्थी यहां पढ़ने आते हैं। संस्थान में अंग प्रदर्शन की जरूरत नहीं। जब स्पोर्ट्स इवेंट या ऐसे आयोजन होंगे तब उन्हें मौके के अनुसार पोशाक पहनने की छूट मिलेगी।
-प्रो.पीएन मिश्रा निदेशक, आईएमएस पढ़कर पहनें टीशर्ट
निदेशक ने शिक्षकों के जरिए कक्षा में सूचना पहुंचाई है कि विद्यार्थियों को निर्देशित किया जाए कि वे ऐसे टीशर्ट भी नहीं पहनें, जिस पर दोहरे अर्थ वाला वाक्य लिखा हो या ऐसी कोई छवि बनी हो।
शुरू हो गया विरोध
सीनियर्स के साथ एलुमनाई ने भी ड्रेसकोड का विरोध शुरू कर दिया है। सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर ड्रेस कोड के विरोध के साथ इसके पक्ष और विपक्ष में भी बहस शुरू कर दी गई है।
संस्थान के निदेशक प्रो. पीएन मिश्रा ने आदेश की वजह बताते हुए कहा कि पहनावा कार्य और संस्कृति के अनुसार होना चाहिए। बिन बांहों वाले कपड़े और दोहरे अर्थ लिखी टीशर्ट पहनकर पढ़ने आना ठीक नहीं। वैसे तो शॉर्ट्स पहनकर विद्यार्थी कॉलेज नहीं आते लेकिन उस पर भी रोक लगा दी है।