उज्जैन पुलिस ने कानपुर के कुख्यात गैंगस्टर और एक सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या करने वाले विकास दुबे को पकड़वाने वालों की पहचान कर ली है। इसमें तीन आम नागरिक सहित तीन पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। विकास दुबे पर प्रशासन ने पांच लाख का नाम इनाम रखा था। इन छह लोगों को सरकार की तरफ से इनाम दिया जाएगा। गैंगस्टर को पकड़ने के बाद पुलिस ने एक कमेटी बनाई थी। कमेटी की रिपोर्ट में इन छह लोगों का नाम है। जिन्होंने गैंगस्टर को पकड़वाने में मदद की थी।
इनाम के लिए भेजा जाएगा उत्तर प्रदेश
उज्जैन के आईजी राकेश गुप्ता ने बताया कि इनाम के लिए इन छह लोगों को उत्तर प्रदेश भेजा जाएगा। लेकिन इनाम चुने गए सुरेश कंहार ने यूपी जाकर इनाम लेने में खतरे आशंका जताई है। बता दें, विकास दुबे ने सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या करने बाद कानपुर से फरार हो गया था। वह 9 जुलाई को राजस्थान के झालावाड़ा शहर से बस में बैठकर उज्जैन पहुंच गया। बस स्टैंड पर पहुंचकर वह ऑटो से शिप्रा नदी स्नान करने गया। इसके बाद वह 7.45 पर महाकाल के मंदिर पर आया।
सबसे पहले सुरेश ने देखा था विकास को
विकास दुबे को सबसे पहले मंदिर के बाहर फूल बेचने वाले सुरेश कहार ने पहचाना। उसने मंदिर के निजी सिक्योरिटी गार्ड राहुल शर्मा और धर्मेंद्र परमार को बताया। सुरेश ने विकास दुबे को न्यूज चैनल पर देखा था, जब विकास दुबे आया तो उसे आशंका हुई कि कहीं यह विकास दुबे तो नहीं। इसके बाद उसने पुलिसकर्मियों को बताया। फिर पुलिसकर्मी विकास दुबे को संदेह के आधार पर चौकी ले आए। तहकीकात के बाद विकास दुबे को गिरफ्तार लिया गया। बाद में विकास यूपी एसटीएफ को सौंप दिया गया और फिर मुठभेड़ में उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने बनाई कमेटी
यूपी सरकार ने विकास दुबे के ऊपर पांच लाख का इनाम रखा था। उसके एनकाउंटर के बाद यह इनाम किसे दिया जाए , इसके लिए उज्जैन पुलिस ने एएसपी रैंक के पुलिस अधिकारियों की एक कमेटी बनाई। इस कमेटी अमरेंद्र सिंह, आकाश भूरिया और तत्कालीन एससपी रुपेश भूरिया को शामिल किया गया था। पुलिस अधिकारियों ने मंदिर से लेकर शहर के सभी सीसीटीवी फुटेज को चेक किया। जिसके बाद छह लोगों का नाम इनाम के लिए सामने आया।