छिंदवाड़ा जिले के पशु चिकित्सा अधिकारी का दावा है कि पूरे जिले में लंपी वायरस के छह सस्पेक्टेड मवेशी मिले हैं। किसी भी पशु में वायरस की पुष्टि नहीं हुई है, क्योंकि इनके लिए गए सैंपल की रिपोर्ट अभी तक भोपाल से नहीं आई है। ऐसे में उन्होंने पशुपालकों को कहा है कि वे घबराए नहीं, किसी भी प्रकार के लक्षण मिलने पर तत्काल इसकी सूचना पशु विभाग को दें।
पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर पक्षबार के मुताबिक, अब तक छह सस्पेक्टेड मवेशियों के सैंपल प्रयोगशाला में जांच के लिए भोपाल भेजे गए हैं, जिसमें से किसी भी जांच सैंपल की रिपोर्ट अभी तक छिंदवाड़ा नहीं पहुंची है। ऐसे में लंपी वायरस को लेकर कोई आधिकारिक बात नहीं कही जा सकती।
छिंदवाड़ा में 2, मोहखेड़ और हर्रई में मिले एक-एक केस...
पशु चिकित्सा अधिकारी का कहना है कि छिंदवाड़ा में अब तक सिर्फ 6 सस्पेक्ट मवेशी मिले हैं, जिनमें प्रारंभिक तौर पर लंपी वायरस के लक्षण देखे जा रहे हैं। मवेशी में लंपी वायरस के लक्षण दिखाई दिए हैं, जिनमें तत्काल डॉक्टरों की टीम ने उनके सैंपल भोपाल प्रयोगशाला में जांच के लिए भेज दिए हैं। लेकिन क्योंकि वहां पूरे प्रदेश की जांच रिपोर्ट लंबित है। ऐसे में वेटिंग के कारण रिपोर्ट आने में काफी समय लग रहा है। जब तक रिपोर्ट नहीं आएगी, तब तक इस मामले में कुछ भी नहीं कह सकते हैं।
5 किमी के दायरे में होगा रिंग वैक्सीनेशन...
डॉक्टर पक्षवार का कहना है कि यदि किसी भी मवेशी कि रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो मवेशी के संपर्क क्षेत्र के 5 किलोमीटर के दायरे में रिंग वैक्सीनेशन होगा, जिसको लेकर विशेष रूप से व्यवस्था की गई है। पशु चिकित्सक के मुताबिक, कुल 25 हजार वैक्सीन की व्यवस्था की गई है, जिसमें से 10 हजार मवेशियों को वैक्सीनेट कर दिया गया है। इसमें गौशाला के मवेशी भी शामिल हैं। वहीं यदि किसी भी मवेशी में इस तरह के लक्षण पाए जाएंगे तो उसके आसपास के क्षेत्र को वैक्सीनेट कर दिया जाएगा।
छिंदवाड़ा में बैतूल के रास्ते पहुंचा लंपी...
आशंका जताई जा रही है कि किसी पशुपालक ने बैतूल से कम पैसे के लालच में कोई संक्रमित गाय को खरीद कर लाया होगा, जिसके कारण जिले में इस वायरस ने दस्तक दी है। ऐसे में एहतियातन पशुपालकों से अपील की गई है कि वह किसी भी तरह की मवेशियों को बाहरी जिले से खरीद कर न लाएं।