मध्यप्रदेश के सिंगरौली जीले के बरगवां थाने के गोनर्रा इलाके में बुधवार की रात वर्ग विशेष के पांच घरों को आग के हवाले कर दिया गया। इससे तनाव की स्थिति पैदा हो गई।
इसको देखते हुए गुरुवार को क्षेत्र में कर्फ्यू लगा दिया गया। स्कूल-कालेजों को बंद कर दिया गया। गुरुवार की सुबह आईजी और कमिश्नर ने हालात का जायजा लिया।
बस के किराये के विवाद में घायल सहदेव (30) की मौत के बाद एक वर्ग के लोगों ने मंगलवार को कई दुकानों और घरों को आग के हवाले कर दिया था।
घर जलाने के बाद तनाव
बुधवार को फोर्स की मौजूदगी में मृतक सहदेव सिंह का अंतिम संस्कार कराया गया। सब कुछ शांति से संपन्न होने के बाद प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने राहत की सांस ली, लेकिन बुधवार की रात में बगईया क्षेत्र के खोखवा और जमतिहवा में पांच घर जला दिए गए। इसके बाद तनाव पैदा हो गया।
इसके बाद कलेक्टर एम.सेलवेंद्रन ने ग्राम पंचायत क्षेत्र में गुरुवार को कर्फ्यू लगा दिया।
संबंधित क्षेत्र के सभी शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए। गुरुवार को रीवा जोन के कमिश्नर प्रदीप खरे, आईजी पवन श्रीवास्तव ने प्रभावित इलाके का निरीक्षण कर स्थिति की समीक्षा की।
बस का किराया बना आफत
बस किराए को लेकर हुए विवाद में आदिवासी सहदेव की मौत के बाद आदिवासी बाहुल्य इलाके के लोगों की लामबंदी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन हुई है। इसके मद्देनजर जिले के वरिष्ठ अफसर स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
सिंगरौली में साल भर के अंदर दूसरी बार कर्फ्यू लगा है। इससे पहले 13 दिसंबर 2013 को पुलिस कस्टडी में अखिलेश शाह की मौत के बाद जनता बेकाबू हो गई थी। उस दौरान प्रशासन को कर्फ्यू लगाना पड़ा था।
इधर, गोनर्रा में विवाद के बाद जो स्थिति पैदा हुई उसको लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि झगड़े के बाद पुलिस तत्काल दोनों पक्षों पर कार्रवाई कर देती तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।