सीधी कलेक्ट्रेट स्थित जनजाति कार्य विभाग के कार्यालय में लोकायुक्त पुलिस ने संजय सिंह को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। दोबारा नौकरी पर रखने और पुराने वेतन के भुगतान के लिए 50 हजार रुपये मांगने का आरोप है। अधीक्षिका की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
सीधी जिले के कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जनजाति कार्य विभाग के कार्यालय में गुरुवार शाम लोकायुक्त पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक कर्मचारी को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। लोकायुक्त की 15 सदस्यीय टीम ने शिकायतकर्ता अशोक योगी की शिकायत पर यह कार्रवाई की। पकड़े गए कर्मचारी की पहचान संजय सिंह के रूप में हुई है। आरोप है कि शिकायतकर्ता को दोबारा नौकरी पर रखने और पुराने वेतन का भुगतान कराने के एवज में 50 हजार रुपये की मांग की गई थी।
लोकायुक्त निरीक्षक नरेश बेहरा के अनुसार, अशोक योगी ने शिकायत में बताया था कि उनसे कुल 50 हजार रुपये मांगे गए थे। इनमें से 10 हजार रुपये पहले दिए जा चुके थे, जबकि शेष 40 हजार रुपये देना बाकी था। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने मामले की जांच की और आरोपी को पकड़ने के लिए कार्रवाई की योजना बनाई।
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रुपये देते ही पहुंची लोकायुक्त की टीम
तीन साल से काम नहीं कर रहे थे शिकायतकर्ता
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, अशोक योगी पहले रसोइया के पद पर कार्यरत थे, लेकिन पिछले करीब तीन वर्षों से काम नहीं कर रहे थे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उन्हें दोबारा नौकरी पर रखने और पुराने वेतन का भुगतान कराने के लिए 50 हजार रुपये मांगे गए थे। इसी संबंध में उन्होंने लोकायुक्त पुलिस से शिकायत की थी।
अधीक्षिका की भूमिका भी जांच के दायरे में