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सीधी: प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण का आरोप, तीन आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजे गए

Sun, 20 Sep 2026 03:47 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीधी

सार

सीधी के बहरी थाना क्षेत्र में प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण कराने के आरोप में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से प्रार्थना पुस्तकें और अन्य सामग्री बरामद की। आरोपियों पर मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर अदालत में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।
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धर्म परिवर्तन का जाल
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विस्तार
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सीधी जिले में बहरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत बाईपास इलाके में पुलिस ने एक किराए के मकान में चल रही प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण कराने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस ने मौके से ईसाई धर्म से संबंधित एक दर्जन से अधिक प्रार्थना पुस्तकें, लिफाफे और अन्य सामग्रियां बरामद की हैं।
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बजरंग दल ने जताई आपत्ति
बहरी थाना क्षेत्र के बाईपास इलाके में स्थित एक बंद कमरे में पिछले कुछ दिनों से ईसाई धर्म की प्रार्थना सभा आयोजित की जा रही थी। इसकी जानकारी मिलते ही बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और उन्होंने आपत्ति जताई। कार्यकर्ताओं ने मामले की सूचना तुरंत पुलिस को दी। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर तीन व्यक्तियों को हिरासत में लिया। पकड़े गए तीनों आरोपी प्रार्थना सभा का संचालन कर रहे थे तथा वहां मौजूद लोगों को धर्मांतरण के लिए प्रेरित कर रहे थे। सभा में आसपास के गांवों के लोग और कई स्कूली बच्चे भी शामिल थे।

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आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज
बहरी थाना प्रभारी राजेश पांडे के अनुसार पुलिस ने मौके से आरोपी राजेंद्र बहादुर सिंह, राजपति सिंह और गिब्सन थोमस को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के विरुद्ध मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों से की गई पूछताछ और मौके से मिली सामग्री के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि सभा का आयोजन किस उद्देश्य से किया जा रहा था और इसमें कौन-कौन शामिल होते थे। पुलिस इस बात का भी पता लगा रही है कि लोगों को केवल प्रार्थना के लिए बुलाया गया था या किसी दबाव, प्रलोभन अथवा प्रभाव से प्रेरित किया जा रहा था।
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प्रलोभन देने के लगे गंभीर आरोप
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का दावा है कि यह प्रार्थना सभा लगभग एक सप्ताह से चल रही थी। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि आसपास के गांवों से आदिवासी और हिंदू समुदाय के लोगों को यहां बुलाया जाता था। उन्हें आर्थिक मदद, बीमारियां ठीक करने और अन्य सुविधाएं देने का भरोसा देकर धार्मिक रूप से प्रभावित किया जा रहा था। कार्यकर्ताओं के अनुसार कुछ लोग पहले हिंदू थे, लेकिन अब वे ईसाई धर्म स्वीकार कर चुके हैं। पुलिस साक्ष्यों के आधार पर मामले में कार्रवाई कर रही है।
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