नहर का जल स्तर बढ़ने से दुकानें गिरीं
- फोटो : ANI
देश के अधिकतर हिस्सों की तरह मध्यप्रदेश में भी बाढ़ के हालात हैं। यहां कई जिलों में भारी बारश से बाढ़ के हालात बन गए है। मंदसौर जिले में पिछले कुछ दिनों से हो रही तेज बारिश से पूरे जिले को बाढ़ की चपेट में ले लिया है।
राज्य के नीमच में नहर के पानी का स्तर बढ़ने से दीवार टूट गई। जिससे दीवार के सहारे बनीं अस्थाई दुकानें गिर गईं। इस दौरान कई दुकाने ऐसी भी थीं जो पानी के बहाव के साथ बह गईं।
ग्रामीण इलाकों का शहरी इलाकों से संपर्क टूट गया है। पिछले पांच दिनों से तेज बहाव में बह रही शिवना नदी का पानी रात में पशुपति नाथ मंदिर में प्रवेश किया और जिसके बाद पहले चार और फिर आठों मुख जलमग्न हो गए। शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया है। शहर को शिवना नदी के बहाव ने दो हिस्सो में बांट दिया है। वहीं शहर के कुछ इलाकों में जलभराव की स्थिति है।
जिले के ग्रामीण इलाकों में पानी भर चुका है। तालाबों के किनार रहने वाले लोगों ने लबालब भर चुके है। वहीं शहरी इलाकों में जलभराव ने बाढ़ जैसी स्थिति पैदा कर दी है। लोगों का जीवन अस्त वयस्त हो गया है।
पुलिस प्रशासन और समाजसेवियों की टीम मुस्तैदी से अपना काम कर रही है और राहत शिविरों में रह रहे लोगों को खाना और शुद्ध जल की व्यवस्था की जा रही है। अभी जिले में 3000 से ज्यादा लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं। बारिश से ग्रामीण इलाकों में कई कच्चे मकान भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।
वहीं मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में बाढ़ से उफान पर आई नदी को पार करते समय तेज बहाव में एक व्यक्ति बह गया। पुलिस ने इस बात की जानकारी दी है कि व्यक्ति नदी पार कर घर जाने की कोशिश कर रहा था तभी तेज बहाव उसे बहाकर ले गया। उसके शरीर को बरामद कर लिया गया है।