केंद्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री और मध्य प्रदेश में कांग्रेस की चुनाव प्रचार अभियान समिति के प्रमुख ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि शिवराज सिंह सरकार का पूरा मंत्रिमंडल ही सामंतवादी है।
सामंतवाद एक प्रवृत्ति है। उसका संबंध किसी परिवार से नहीं है, बल्कि काम करने की शैली से है।
सिंधिया भाजपा नेताओं द्वारा उन्हें सामंतवादी ठहराए जाने के सवाल पर जवाब दे रहे थे। वह चुनाव अभियान समिति की बैठक में रणनीति बनाने के लिए भोपाल आए हैं।
इस मौके पर प्रदेश के सभी प्रमुख नेता यहां मौजूद थे। सिंधिया ने भोपाल शहर में उनके स्वागत में लगे उन होर्डिंग्स पर ऐतराज भी जताया, जिनमें उन्हें श्रीमंत या महाराज कहकर संबोधित किया गया था।
कांग्रेस में गुटबाजी के सवालों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि सारी कांग्रेस एकजुट हो गई है।
इस सवाल का कोई अर्थ नहीं है कि मुखिया कौन बनेगा, लेकिन मुख्यमंत्री की दौड़ में कोई नहीं है। सबका लक्ष्य कांग्रेस की सरकार बनाना है।
भाजपा नेताओं को ऐतराज
इधर शिवराज सिंह और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष प्रभात झा जहां ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह पर राजा-महाराजा कहकर निशाना साध रहे हैं और उन्हें सामंतवादी करार दे रहे हैं, वहीं पार्टी में कई वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि यह पार्टी की लाइन नहीं है। यह व्यक्तिगत तौर पर कहा जा रहा है।
मध्य प्रदेश में पार्टी के एक प्रमुख नेता के अनुसार ये खबरें भी बेबुनियाद हैं कि भाजपा ने सिंधिया को घेरने के लिए कोई रणनीति बनाई है।
पार्टी ने सिंधिया को घेरने की कोई रणनीति नहीं बनाई। प्रदेश में भाजपा के प्रचार प्रसार से जुड़े एक प्रमुख नेता ने माना कि सामंतवाद की लाइन अपनाना ठीक नहीं है।