मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर पीठ ने राज्य में राजनीतिक रैलियों को प्रतिबंधित कर दिया है। इसे लेकर राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को कहा कि हम उच्च न्यायालय की ग्वालियर पीठ के आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय जा रहे हैं। उन्होंने कहा, 'बिहार में हर दिन राजनीतिक रैलियां हो रही हैं। एक देश में इस तरह का विरोधाभासी कानून नहीं हो सकता है।'
बता दें कि मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर पीठ ने पिछले हफ्ते कोरोना महामारी के बीच सामाजिक दूरी (सोशल डिस्टेंसिंग) को सुनिश्चित करने के लिए चुनावी रैलियों में 100 से अधिक लोगों को शामिल करने वाली किसी भी राजनीतिक रैली के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की अनुमति दी थी।
ग्वालियर पीठ के न्यायमूर्ति शील नागू और न्यायमूर्ति राजीव कुमार श्रीवास्तव की पीठ ने अधिवक्ता आशीष प्रताप द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान कोरोना वायरस महामारी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया था।
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अदालत ने कहा था कि यदि किसी राजनीतिक दल द्वारा इस नियम का उल्लंघन किया जा रहा है, तो कोई भी व्यक्ति सबूत के रूप में फोटो ले सकता है और पास के पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करा सकता है।
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में विधानसभा की 28 सीटों पर उपचुनाव होने हैं। चुनाव आयोग ने उपचुनाव के लिए मंगलवार (29 सितंबर) को तारीखों की घोषणा की थी। चुनाव की घोषणा के साथ ही राज्य में आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गई है। इसी के साथ राज्य में चुनावी रैलियों का दौर शुरू हो चुका है।