मध्यप्रदेश के कार्यवाहक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस को अब किसान कर्ज माफी का वादा पूरा करना होगा। विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद शिवराज ने बुधवार को इस्तीफा देने के बाद कहा, ‘राहुल गांधी ने किसानों से 10 दिन के भीतर कर्ज माफ करने या मुख्यमंत्री बदलने का वादा किया था।
उन्होंने कहा कि अब हमारी भूमिका विपक्ष की है, जिसे हम सशक्त और रचनात्मक रूप से निभाएंगे और प्रदेश के चौकीदार की तरह निगरानी रखेंगे। हम कांग्रेस को वादों से भागने नहीं देंगे।’ उन्होंने दावा किया कि 2019 लोकसभा चुनाव में भाजपा की सरकार बनेगी और हम इसकी तैयारियों में जुटेंगे। बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने चुनावी सभाओं के दौरान अपनी पार्टी के सत्ता में आने पर किसानों का कर्ज माफ करने का वादा किया था।
उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में मतदाताओं ने पहली बार खंडित जनादेश दिया है। कांटे के मुकाबले में फंसी दोनों पार्टियों कांग्रेस और भाजपा को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। कांग्रेस 114 सीटों के साथ पहले नंबर पर तो भाजपा 109 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर है। वहीं, बसपा को 2, सपा को 1 और 4 सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में गई हैं। 230 विधानसभा सीटों वाली राज्य विधानसभा में बहुमत के लिए 116 सीटों की जरूरत होती है। हालांकि कांग्रेस ने यहां सबसे बड़े दल के रूप में उभरने के बाद राज्यपाल से मिलकर मुख्यमंत्री पद के लिए अपना दावा पेश किया है।
वहीं सूत्रों का कहना है कि पार्टी के वरिष्ठ नेता कमलनाथ का सीएम बनना तय है पर राहुल की औपचारिक मुहर के बाद ही एलान किया जाएगा। कहा जा रहा है कि सीएम की दौड़ में शामिल ज्योतिरादित्य सिंधिया को मना लिया गया है। एंटनी के सामने दोनों के समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की। कमलनाथ ने बुधवार देर शाम पार्टी नेताओं के साथ 121 विधायकों के समर्थन का पत्र राज्यपाल आनंदीबेन को सौंपकर सरकार बनाने का दावा किया। राज्यपाल से मिलकर पार्टी नेताओं ने कहा कि 15 दिसंबर से खरमास शुरू हो जाएगा इसलिए उससे पहले ही सरकार बनाने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए।