मध्य प्रदेश में भी अब आम जनता को ध्यान में रखकर काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रियों और अधिकारियों की बैठक लेकर सख्त हिदायत दी है कि उनका कामकाज ही उनके आकलन का आधार बनेगा।
शिवराज सिंह ने अगले पांच साल की योजनाएं तैयार करने और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस रखने के इरादे जाहिर कर दिए है। प्रदेश सरकार सौ दिन की कार्ययोजना को एक जनवरी से लागू करने जा रही है।
मध्य प्रदेश में भी हर काम को पूरा करने की समय सीमा होगी और ईमानदार अधिकारियों को प्रोत्साहन दिया जाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तीय अनुशासन की अनदेखी नहीं की जाए और स्वच्छ और पारदर्शी प्रशासन दें।
स्वच्छ छवि वाले अफसरों को प्रोत्साहित करें। अधिकारी की कार्य क्षमता तथा ईमानदारी परख कर ही पदस्थापना की जाए। विभागीय जांच समय-सीमा में निपटाई जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि कोई भी सत्ता का नाजायज फायदा नहीं उठाए। कार्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि में प्रति हेक्टेयर उत्पादकता, बीज प्रतिस्थापन की दर के साथ दुग्ध उत्पादन भी बढ़ाएं। सिंचाई क्षमता पांच वर्ष में 40 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
नकली खाद-बीज के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। चौहान ने निर्देश दिए हैं कि स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करें। स्कूली शिक्षा में अधोसंरचना विकास की कार्य-योजना बनाएं।
उच्च शिक्षा तथा तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में महाविद्यालयों में प्राध्यापकों का नियुक्तकरण करें। अंतरराष्ट्रीय स्तर के शिक्षण संस्थानों को मध्यप्रदेश में लाया जाए। अस्पतालों की साफ-सफाई व्यवस्था में क्रांतिकारी परिवर्तन करें।
पोषण आहार की उपलब्धता ग्रामीण स्तर तक सुनिश्चित करें। महिला सुरक्षा के प्रयासों पर विशेष ध्यान दें। अगले पांच वर्षों में दस लाख युवाओं को स्व-रोजगार में लगाने का संकल्प रस्म अदायगी न रह जाय।
गुणवत्तापूर्ण ऊर्जा की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नए संयंत्रों की स्थापना की जाएगी। विद्युत उत्पादन पांच वर्ष में 21 हजार मेगावाट से अधिक किया जाएगा।
अगले तीन सालों में नवकरणीय ऊर्जा का उत्पादन चार हजार मेगावाट तक लाया जाएगा।