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मोदी से मिले शिवराज: इंदौर में होगा प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन, महाकाल परिसर का उद्घाटन पीएम करेंगे

Sat, 23 Apr 2022 02:09 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/भोपाल

सार

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। 
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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। - फोटो : अमर उजाला
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। 45 मिनट चली मुलाकात में उन्होंने कई मुद्दों पर चर्चा की। इसमें उन्होंने मोदी से आग्रह किया कि मध्य प्रदेश में प्रवासी भारतीय दिवस का आयोजन किया जाए। इसे स्वीकार कर लिया गया है। 9 जनवरी को इंदौर में प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का आयोजन होगा। इससे पहले 7 और 8 जनवरी को ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का आयोजन होगा। 
 
प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद चौहान ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में चल रहे विकास के कामों और जनकल्याणकारी कामों की जानकारी प्रधानमंत्री को दी। वह मैन ऑफ आइडियाज हैं। उनका मार्गदर्शन हमें मिलता रहता है। उनके सुझावों को हम क्रियान्वित करने जा रहे हैं। मुख्य रूप से जो चीजें तय हुई हैं, वह यह है कि पहले हम 4 से 6 नवंबर के बीच इन्वेस्टर समिट करने वाले थे। अब हम इसे जनवरी में आयोजित करेंगे। 
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शिवराज सिंह चौहान ने दिल्ली में प्रधानमंत्री से मुलाकात की। - फोटो : अमर उजाला
उज्जैन आएंगे प्रधानमंत्री, दी सहमति 
मुख्यमंत्री ने बताया कि उज्जैन में महाकाल महाराज के मंदिर परिसर बनकर तैयार है। यह अपने आप में अद्भुत है। इस परिसर में रूद्र सागर सरोवर, शिव स्तंभ, सप्त ऋषि स्थल, कमल-कुंड, नवग्रह वाटिका है, जिनका लोकार्पण हम उनके हाथों संपन्न कराना चाहते हैं। शिवकथा को चित्रित करने का काम हुआ है। यह अपने आप में अद्भुत है। प्रधानमंत्री जी से मैंने निवेदन किया कि इसका लोकार्पण उनके हाथों से संपन्न हुआ। प्रधानमंत्री जी ने सहमति दे दी है। वे इस परिसर को लोकार्पित करेंगे। 



स्टार्टअप पॉलिसी को लॉन्च करेंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में स्टार्टअप बड़ी तेजी से उभर रहे हैं। हमने अपनी स्टार्टअप की पॉलिसी बनाई है। स्टार्टअप की हमारी पॉलिसी बनी हुई है। उसको हम लॉन्च करना चाहते हैं। उसके लिए भी मैंने समय मांगा। मई मे वह समय भी हमको वर्चुअली जुड़ने का प्रधानमंत्री जी से मिलेगा।

मध्यप्रदेश में ई-रुपी के प्रयोग की जानकारी
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण तथा एनपीसीआई के साथ विशेषज्ञ परामर्श कर प्रदेश में ई-रुपी का उपयोग सुनियोजित रूप से प्रारंभ किया गया है। विभिन्न शासकीय योजनाओं में कृषि उपकरण क्रय हेतु ई-रुपी का उपयोग किया जाएगा।  शिक्षा विभाग द्वारा हर साल 5.75 लाख छात्रों को साइकिल खरीदने हेतु 200 करोड़ की राशि का वितरण होता है। ई-रुपी के माध्यम से साइकिल वितरण हेतु राशि वितरण भोपाल तथा इंदौर जिले में की जाएगी। इसके लिए 2022-23 में पायलट योजना का क्रियान्वयन होगा। इसमें 9250 विद्यार्थियों को लाभान्वित किया जाएगा।
 
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मोदी से मुलाकात के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान। - फोटो : सोशल मीडिया
शिवराज ने प्रधानमंत्री को इन योजनाओं से भी अवगत कराया 
  • आयुष्मान भारत योजना: अब तक कुल 2 करोड़ 70 लाख कार्ड बनाए हैं। प्रदेश के 96 प्रतिशत पात्र परिवारों के पास कम-से-कम एक कार्ड उपलब्ध है। 2022 तक प्रदेश में कुल 11,107 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर विकसित करने का लक्ष्य है। 9,230 अर्थात् 83 प्रतिशत सेंटर क्रियाशील हो चुके हैं।
  • पीएम स्वनिधि योजनाः अब तक प्रथम चरण में 5 लाख 11 हजार पथ विक्रेताओं को 511 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा चुका है। योजना के द्वितीय चरण में 42,581 पथ विक्रेताओं को 85 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण उपलब्ध कराया जा चुका है। योजना के क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश देश में पहले स्थान पर है। 
  • गोबरधन प्लांट की स्थापना: प्रधानमंत्री के कर कमलों से इन्दौर में एशिया के सबसे बड़े 550 मीट्रिक टन क्षमता वाले गोबर-धन प्लांट का शुभारंभ हुआ है। इसी से प्रेरणा लेकर जबलपुर एवं भोपाल में भी गोबरधन प्लांट की स्थापना का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जा रहा है। इसके लिये आवश्यक तैयारियां कर ली गई हैं।
  • एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड: एग्रीकल्चर कृषि अवसंरचना निधि के प्रयोग में मध्य प्रदेश देश में पहले स्थान पर है। योजना में अब तक विभिन्न कृषि अधोसंरचना कार्यों के लिए लगभग 1 हजार 200 करोड़ का ऋण वितरण किया जा चुका है।
  • जल जीवन मिशन:  युद्ध स्तर पर काम किया जा रहा है। अब तक ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 30 हजार 600 करोड़ रुपये से अधिक की नल जल योजनाएं स्वीकृत की जा चुकी हैं। 2 वर्षों में 6000 करोड़ रुपये से अधिक राशि का व्यय कर प्रदेश के 40 प्रतिशत घरों तक नल का जल पहुंचाया जा चुका है। प्रदेश के 4270 से अधिक गांव ऐसे हैं जहां शत-प्रतिशत घरों में नल का जल पहुंच चुका है। बुरहानपुर जिला शत-प्रतिशत कवरेज वाला जिला बन गया है।
  • प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना: योजना के क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश भारत में प्रथम स्थान पर है। योजना प्रारंभ वर्ष 2017 से अब तक 28 लाख से भी अधिक हितग्राहियों को करोड़ रुपए से अधिक की सहायता दी गई है। 
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