शिवपुरी जिला अस्पताल में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, जिसमें सिक्योरिटी गार्ड और स्वीपर ने एक आदिवासी युवक की बेरहमी से पिटाई कर दी। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने जांच के आदेश दिए हैं।
गणेशखेड़ा गांव निवासी आसाराम आदिवासी अपनी गर्भवती पत्नी को जिला अस्पताल में भर्ती कराने आया था। अस्पताल स्टाफ ने उसकी पत्नी का पलंग बदलवा दिया, जिससे उसे गैलरी में सोने के लिए मजबूर होना पड़ा। जब आसाराम ने इस पर आपत्ति जताई और अपनी पत्नी के पास वार्ड में जाने की जिद की, तो सिक्योरिटी गार्ड और स्वीपर ने उसे जबरदस्ती बाहर निकाल दिया और बेरहमी से पीटा।
वीडियो में कैद हुई घटना
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सिक्योरिटी गार्ड और स्वीपर आसाराम को लगातार थप्पड़ मार रहे हैं। 1 मिनट 23 सेकंड के इस वीडियो में उसे 12 थप्पड़ मारे गए। पीड़ित का आरोप है कि मारपीट के बाद उसे धमकी भी दी गई और अस्पताल से बाहर निकाल दिया गया।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
घटना का वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. बी.एल. यादव ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है और दोषियों के खिलाफ जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
मानवाधिकार का उल्लंघन
इस घटना ने अस्पतालों में मरीजों और उनके परिजनों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार को उजागर कर दिया है। ऐसे मामलों में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जरूरत है ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की घटना को अंजाम न दे। स्थानीय प्रशासन से न्याय की उम्मीद की जा रही है।