शिवपुरी जिले में अंधविश्वास का घिनौना रूप एक मासूम की जिंदगी पर भारी पड़ गया। परिजन छह महीने के बच्चे को तांत्रिक के पास धूनी दिलाने ले गए, जहां तांत्रिक ने उसे इतनी बेरहमी से दागा कि उसका गाल और होंठ बुरी तरह झुलस गए। इतना ही नहीं, बच्चे की दोनों आंखों पर भी इसका गहरा असर पड़ा है। उसकी आंखों की रोशनी जाने का भी खतरा है।
बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. गिरीश चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने बताया कि बच्चे की दोनों आंखों का कॉर्निया जल चुका है, जिससे उसकी दृष्टि पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
ये भी पढ़ें:
MP के इस गांव में सदियों से होली का खौफ, नहीं करते यह काम, जानें किस बात से डरे हुए हैं लोग
दरअसल, शहर की हनुमान कॉलोनी निवासी आदेश वर्मा गुरुवार शाम को अपने छह माह के बेटे मयंक को जिला अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ के पास लेकर पहुंचे। डॉक्टर ने जब बच्चे की हालत देखी, तो माता-पिता से पूछताछ की। मां ने रोते हुए बताया कि वे उसे रामनगर कोलारस के एक तांत्रिक के पास ले गए थे, जहां धूनी देने के नाम पर बच्चे को दाग दिया गया। लेकिन, जब मामला चर्चा में आने आया तो माता-पिता अपने बयान से पलट गए और कहा कि बच्चा रसोई में चाय से जल गया।
ये भी पढ़ें:
होलिका दहन के दौरान आरक्षक पर त्रिशूल से हमला, इलाज के लिए जबलपुर रेफर, आरोपी को तलाश रही पुलिस
अस्पताल प्रशासन पर लगे लापरवाही के आरोप
बच्चे की गंभीर स्थिति के बावजूद अस्पताल प्रबंधन इस मामले को तूल न देने की कोशिश कर रहा है। वहीं, सिविल सर्जन बी.एल. यादव ने बताया कि यह घटना अंधविश्वास के कारण हुई है और इसकी सूचना पुलिस को दी जा रही है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. गिरीश चतुर्वेदी ने कहा, बच्चे को लेकर माता-पिता मेरे पास आए थे। उन्होंने खुद बताया कि वे उसे किसी तांत्रिक के पास ले गए थे। वहां से लौटने के बाद यह स्थिति हुई है। यह बेहद दुखद घटना है और इसमें कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
होली की अनोखी परंपरा का ये वीडियो देखिए...