अभी तक हर प्रदेश की अपनी समग्र आईडी होती है। यह समग्र आईडी छात्र को स्पेशिफिक पहचान हुआ करती है। यह पहचान उस राज्य में तो स्वीकार कर ली जाती है, जहां पर इसे बनाया गया है।परंतु अगर दूसरे राज्य में छात्र की इस समग्र आईडी का उपयोग करना चाहे तो इसे स्वीकार नहीं किया जाता।
ऐसे में एक छात्र की एक या उससे अधिक समग्र आईडी होने के मामले भी सामने आ रहे हैं। इसी के चलते केंद्र सरकार ने वन नेशन वन स्टूडेंट के तहत राष्ट्रीय स्तर पर हर छात्र की अपार आईडी बनाना शुरू कर दिया है। यह अपार (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री) आईडी पूरे देश में हर जगह मान्य की जाएगी और हर छात्र की स्पेशिफिक पहचान होगी। इस आइडी में छात्र की शिक्षा से संबंधित उसका पूरा लेखा-जोखा रहेगा।
विद्यार्थियों की पूरी जानकारी रहेगी
शिवपुरी जिले के बदरवास विकासखंड के बीआरसी अंगद सिंह तोमर ने बताया कि इस आईडी में विद्यार्थियों को प्रमाणिक जानकारी जैसे नाम, पिता का नाम, माता का नाम, जन्म दिनांक, जेंडर, आधार नंबर के लिए बच्चों की चाइल्ड प्रोफाइल एंट्री कंप्लीट होना चाहिए और आधार सत्यापित होना चाहिए। विद्यार्थियों का प्रोफाइल में नाम और आधार कार्ड में नाम एक समान होना चाहिए। अभिभावक का मोबाइल नंबर (कार्यशील) और एक पहचान पत्र आवश्यक है। उक्त कार्य के लिए डीपीसी को जिला नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। अपार आईडी निर्माण के क्रियान्वयन के लिए बीआरसी अंगद सिंह ने बदरवास के अटलपुर और अगरा में अपार दिवस का अयोजन किया गया, जिसमें समस्य संस्था प्रभारी उपस्थित रहे।
यह है अपार आईडी
अपार आईडी 12 अंकों का कोड है। यह विद्यार्थियों के आधार नंबर से लिंक रहेगा। अपार आईडी में विद्यार्थियों की उपलब्धि जैसे परीक्षा परिणाम, समग्र रिपोर्ट कार्ड, क्रेडिट स्कोर, छात्रवृत्ति, सीखने के परिणामों के अतिरिक्त विद्यार्थियों की अन्य उपलब्धियां को डिजिटल रूप से संग्रहित करने में सहायक होगी। इस आईडी की मदद से विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति की ट्रैकिंग करने के अतिरिक्त विद्यार्थी किसी भी स्थान से किसी भी समय अपने प्रमाणिक शैक्षणिक अभिलेख तक पहुंच सकता है। अपार आईडी की सहायता से शैक्षणिक संस्थाओं के बीच स्थानांतरण, कौशल विकास, नौकरी या उच्च शिक्षा के लिए आवेदन करते समय सुविधा होगी।
पूर्व विधायक प्रहलाद भारती ने की पोहरी में मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक खोले जाने की मांग
पोहरी के पूर्व विधायक एवं पूर्व राज्यमंत्री दर्जा प्रहलाद भारती ने विगत दिवस भोपाल में उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के मुखिया डॉ. राजेन्द्र शुक्ल से मुलाकात की। इस अवसर पर भारती ने पोहरी नगर के मध्य स्थित पुराने अस्पताल भवन में नवीन शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र अथवा मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक प्रारंभ किये जाने की मांग की है।
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र अथवा संजीवनी क्लीनिक प्रारंभ होने से पोहरी नगरवासियों को छोटी-छोटी बीमारियों का इलाज नगर के मध्य ही संभव हो सकेगा। भारती ने बताया कि उप मुख्यमंत्री द्वारा पोहरी में शीघ्र ही नवीन शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र अथवा मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक प्रारंभ किये जाने हेतु आश्वासन भी दिया गया है।