शिवपुरी के कोलारस जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत पहाड़ी में गांव के दबंगों ने दलित महिला सरपंच को सिर्फ इसलिए जूते-चप्पलों से पीटा, क्योंकि उसने दबंग के कहे अनुसार कागज पर साइन करने से मना कर दिया था। महिला सरपंच ने मामले की शिकायत पुलिस को दर्ज कराई थी। इस पर पुलिस ने आपराधिक प्रकरण दर्ज किया था। इस मामले में तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। एसपी रघुवंश सिंह भदौरिया ने बताया कि इस मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ एसटी-एससी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।
जानकारी के मुताबिक, 16 जुलाई को रविवार को ग्राम पंचायत पहाड़ी की सरपंच गीता जाटव का बड़ा बेटा गोपाल जाटव किसी काम से खरई गया था। खरई में उसे धर्मवीर मिल गया, धर्मवीर ने उसे कहा कि मेरे कागज पर सरपंच के साइन करवा दे। गोपाल ने जब धर्मवीर से पूछा कि किस कागज पर साइन करवाना है तो उसने गोपाल से कहा कि मैं तो आदमी मारने जा रहा हूं, तुझे साइन करवाने पड़ेंगे। जब गोपाल ने साइन करवाने से मना कर दिया तो धर्मवीर ने उसके साथ मारपीट कर दी।
सरेराह जमीन पर पटक-पटककर जूते-चप्पलों से पीटा था...
गोपाल ने गांव जाकर जब मां गीता जाटव को सारा घटनाक्रम बताया तो गीता बाई, धर्मवीर यादव की शिकायत करने के लिए उसके घर जा रही थी। इस दौरान रास्ते में उसे धर्मवीर यादव, रामवीर यादव और मुलायम यादव ने घेर लिया। तीनों ने उसे जाति सूचक गालियां देते हुए कहा कि तुझे सरपंची हमारे हिसाब से करनी होगी। जब गीता ने ऐसा करने से इंकार कर दिया तो तीनों ने उसे सरेराह जमीन पर पटक-पटककर जूते-चप्पलों से पीटा था। गीता का कहना है कि धर्मवीर बीते सालभर से लगातार उसे प्रताड़ित कर रहा है कि उसे सरपंची उसके कहे अनुसार ही करनी पड़ेगी।
मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार...
पुलिस ने महिला सरपंच की शिकायत पर धर्मवीर यादव, रामवीर यादव व मुलायम यादव के खिलाफ एसटी-एससी एक्ट तहत मामला पंजीबद्ध किया गया। इसके बाद फरार चल रहे दो सगे और एक चचेरे भाई को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।