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Shivpuri: अपने हाथ में रस्सी लेकर मंत्री के सामने पहुंचा आदिवासी युवक, गिड़गिड़ाकर कही फांसी लगाने की बात

Mon, 07 Oct 2024 05:47 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी

सार

शिवपुरी में मंत्री के सामने आदिवासी युवक ने फांसी लगाकर जान देने की बात कही। हाथ में रस्सी दिखाते हुए ऊर्जा मंत्री से कहा कि आपके पटवारी शिवा पांडेय ने उसकी जमीन पर कब्जा कर लिया है। इसकी कई शिकायतें तहसील से लेकर कलेक्टर से कर चुका हूं। इसलिए वह फांसी लगाकर जान दे देगा। 
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ऊर्जा मंत्री के सामने गुहार लगाता आदिवासी युवक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शिवपुरी जिले के हातोद पंचायत में कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे प्रदेश के ऊर्जा मंत्री व शिवपुरी के प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के पास एक आदिवासी युवक अपने हाथ में रस्सी लेकर पहुंच गया। आदिवासी ने मंत्री के सामने फांसी लगाने की बात कही। आदिवासी का आरोप था कि महिला पटवारी ने उसकी जमीन पर कब्जा कर लिया, इसकी कई शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन महिला पटवारी ने उसकी जमीन पर से कब्जा नहीं हटाया।
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बता दें कि जनमन आवास योजना के तहत शिवपुरी जनपद की हातोद पंचायत में देश की पहली जनमन आवास के तहत बनाई गई कॉलोनी का शुभारंभ होना था। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया जनमन कॉलोनी के आवासों में आदिवासियों को गृह प्रवेश कराने वाले थे। आज प्रभारी मंत्री शिवपुरी होने के नाते ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर केंद्रीय मंत्री सिंधिया के पहुंचने से पहले ही हातोद पंचायत पहुंच गए थे।

हातोद पंचायत में आयोजित इसी कार्यक्रम में दादोल पंचायत का रहने वाला हरगोविंद आदिवासी पहुंच गया था। यहां उसके हाथों में रस्सी थी। हरगोविंद आदिवासी ने हाथ में रस्सी दिखाते हुए ऊर्जा मंत्री से कहा कि आपके पटवारी शिवा पांडेय ने उसकी जमीन पर कब्जा कर लिया है। इसकी कई शिकायतें तहसील से लेकर कलेक्टर से कर चुका हूं। वह दफ्तरों के चक्कर काट-काट के थक चुका है। इसी के चलते अब वह फांसी लगाकर मरना चाहता है। वहीं, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने हरगोविंद आदिवासी को न्याय के दिलाने का आश्वासन दिया और मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों को हरगोविंद आदिवासी की समस्या के निदान के निर्देश दिए।
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इस मामले में जब महिला पटवारी शिवा पान्डेय से बात की तो उनका कहना है कि जिस जमीन की बात हरगोविंद आदिवासी कर रहा है, वह जमीन उसकी नहीं बल्कि उसके मायके में उसके भाई आशुतोष के नाम है। पटवारी ने बताया कि हरगोविंद आदिवासी के नाम 3.75 बीघा का पट्टा है, लेकिन वह करीब 11 बीघा जमीन अपनी बता रहा है। जमीन का सीमांकन करके भी दिया गया था, लेकिन हरगोविंद मानने को तैयार नहीं है। इस मामले की जानकारी आरआई सहित विभाग को भी है।
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