बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की शिवपुरी जिले के करैरा में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के पांचवे दिन विवाह पंचमी के उपलक्ष्य में 21 जोड़ों का विवाह कराया गया। अनाथ 21 बेटियों की कथा स्थल पर विधि-विधान से शादी कराई गई। बेटियों की शादी पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि असलियत में कथा यही है, जिससे बेटियों का घर बस जाए। कथा तभी सफल, जिसमें बेसहारा बेटी का घर बस जाए। ऐसा हर कथा में शुरू हो जाए तो कोई भी पिता कर्ज के बोझ के तले नहीं दबेगा।
विवाहित जोड़ों को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल से ऑनलाइन जुड़कर आशीर्वाद दिया। इसके बाद पंडित शास्त्री ने अपील करते हुए कहा कि भारत सरकार मंदिरों का अधिकार सनातन के लोगों को दे, ताकि दानपेटियां के धन से गोशाला, गुरुकुलम और गरीब बेटियों का विवाह हो सके। कथा स्थल पर सांसद भारत सिंह कुशवाह, विधायक रमेश खटीक सहित अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद रहे। धीरेंद्र शास्त्री ने कथा के पांचवे दिन ध्रुव, प्रहलाद और भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव कथा का वृतांत सुनाया।
समिति हर साल करवाएगी विवाह
इस मौके पर विवाह पंचमी के उपलक्ष्य में भगवान श्रीराम व सीता का विवाह प्रसंग संगीतमय ढंग से सुनाया। 21 कन्याओं के विवाह के साथ ही आयोजन समिति ने संकल्प लिया है, वह हर बार विवाह कराएगा।
दामादों हमारी बेटियों को ध्यान रखना, नहीं तो हम अर्जी बांध देंगे
इस मौके पर पंडित शास्त्री ने विवाहित जोड़ों से मिलते वक्त दूल्हों को नसीहत देते हुए कहा कि दामादों हमारी बेटियों को ध्यान रखना, नहीं तो हम अर्जी बांध देंगे। पूछा कि समधी, समधनें कहां हैं। महंत से कहा कि एक भी समधी बिना कलर हुए न जाए। शास्त्री ने जात-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई का नारा दिया। कोई भी गरीबी की वजह से धर्मांतरण न करे।