शिवपुरी जिले में जब अवैध कॉलोनी कट रही थी, तब किसी भी प्रशासनिक अधिकारी और राजस्व अधिकारी ने इस पर ध्यान नहीं दिया। मामला जब तूल पकड़ा तो अब जाकर खानापूर्ति के लिए पांच पटवारियों पर निलंबन की कार्रवाई की गई। इसके अलावा एक आरआई को नोटिस दिया गया है। शिवपुरी अनुविभाग क्षेत्र में इस तरह की कार्रवाई पर अब सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है, जब अवैध कॉलोनी कट रही थी तब अधिकारी क्या कर रहे थे। धड़ाधड़ कॉलोनी कटने के बाद अब केवल निलंबन की कार्रवाई से क्या हासिल होगा। क्योंकि कई लोगों ने इन अवैध कॉलोनी में प्लाट ले लिए हैं। इन कॉलोनी में आज कोई संसाधन नहीं है, जिन लोगों ने अपने पसीने की गाढ़ी कमाई इन अवैध कॉलोनी में प्लॉट देने में लगा दी, क्या उनको न्याय मिल पाएगा, यह सवाल उठ रहे हैं।
केवल कागजी कार्रवाई में उलझी पूरी प्रक्रिया...
प्रशासनिक सूत्रों ने बताया, जिन पटवारियों पर अवैध कॉलोनी काटने के मामले में कार्रवाई की जा रही है, वह अधिकारियों के खास रहे हैं। पटवारी गिरजेश श्रीवास्तव के अलावा पटवारी शिवा पांडे, पटवारी रामबीर रावत, पटवारी इंदिरा वर्मा और पटवारी कल्पना शर्मा को नोटिस देकर उन्हें निलंबित कर दिया गया है। इनके निलंबन से क्या होगा। लोगों का कहना है कि कुछ दिनों बाद इन्हें बहाल कर दिया जाएगा। इसके अलावा जिन लोगों ने अवैध कॉलोनी काटी हैं, उन पर अभी तक बड़ी कार्रवाई क्यों नहीं की गई। जो मामला एडीएम कार्यालय और एसडीएम कार्यालय में विचाराधीन है, उन पर कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है।
साइलेंट पार्टनरशिप कर रहे हैं कई पटवारी...
शिवपुरी शहर सहित आसपास के क्षेत्रों में अवैध कॉलोनी कटवाने के मामले में कई पटवारी अपनी साइलेंट पार्टनरशिप के जरिए भू-माफियाओं के साथ कॉलोनी कटवाने में जुटे हुए हैं। हाल ही में मंत्री से हुई शिकायत के बाद पटवारी गिरजेश श्रीवास्तव को शिवपुरी एसडीएम ने अवैध कॉलोनी कटवाने के मामले में निलंबित कर दिया था। अब कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने चार और पटवारियों को निलंबित कर दिया। इसके अतिरिक्त एक आरआई को भी कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। सूत्र बताते हैं, साइलेंट पार्टनरशिप के जरिए कई पटवारी भू माफियाओं के साथ मिलकर के इस अवैध काम मे लगे हैं। लोगों का कहना है कि इन पटवारियों पर मामला दर्ज करते हुए इन्हें शिवपुरी अनुविभाग क्षेत्र से अन्यत्र क्षेत्र में स्थानांतरित करने की भी आवश्यकता है।