फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shivpuri News: पत्नी के गैस कनेक्शन की समस्या लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे बुजुर्ग, नंबर आने से पहले ही तोड़ा दम

Tue, 18 Aug 2026 05:09 PM IST
शिवपुरी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी

सार

शिवपुरी कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई के दौरान बदरवास के 70 वर्षीय बादल सिंह यादव की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। वे पत्नी के गैस कनेक्शन को कोलारस से बदरवास ट्रांसफर कराने की मांग लेकर पहुंचे थे। मौत की वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगी।

विज्ञापन
बुजुर्ग की मौत - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मंगलवार को शिवपुरी कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई के दौरान उस समय हड़कंप मच गया, जब अपनी समस्या लेकर पहुंचे 70 वर्षीय बादल सिंह यादव की अचानक तबीयत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई। वे बदरवास तहसील के ग्राम सडबूड़ से अपनी पत्नी के नाम उज्ज्वला योजना के तहत मिले गैस कनेक्शन को कोलारस से बदरवास ट्रांसफर कराने की मांग लेकर आए थे।

बादल सिंह यादव की पत्नी अतर बाई के नाम उज्ज्वला योजना के तहत घरेलू गैस कनेक्शन कोलारस क्षेत्र से जारी हुआ था, जबकि उनका परिवार बदरवास में रहता है। परिवार के मुताबिक, सिलेंडर भरवाने के लिए उन्हें हर बार करीब 40 से 45 किलोमीटर दूर कोलारस जाना पड़ता था। बुजुर्ग दंपती के लिए यह सफर परेशानी भरा था। इसी समस्या के समाधान के लिए बादल सिंह ने जनसुनवाई में आवेदन देने का फैसला किया था।

सुबह कलेक्ट्रेट पहुंचकर उन्होंने शिकायत दर्ज कराई। जनसुनवाई में उनका क्रमांक 32 था। नंबर आने में समय था, इसलिए वे एडीएम कार्यालय के बाहर लगी लोहे की बेंच पर बैठकर इंतजार करने लगे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ देर बाद बादल सिंह अचानक बेंच पर लुढ़क गए। आसपास मौजूद लोगों ने पहले उन्हें आवाज देकर उठाने की कोशिश की, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद कलेक्ट्रेट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर जिला अस्पताल से एंबुलेंस और मेडिकल टीम मौके पर पहुंची। बादल सिंह को स्ट्रेचर से अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

प्रारंभिक तौर पर डॉक्टरों ने हृदय गति रुकने की आशंका जताई है। हालांकि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है और परिजनों को घटना की जानकारी दी गई है।

विज्ञापन


पढ़ें:  मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले, लाड़ली बहना के लिए 1.14 लाख करोड़, नर्मदा मिशन और युवाओं को AI ट्रेनिंग

विज्ञापन

जनसुनवाई की व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठे
घटना के बाद कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई की व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठने लगे। हर मंगलवार बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचते हैं। इनमें बुजुर्ग, महिलाएं और बीमार लोग भी शामिल होते हैं। आवेदकों का कहना है कि भीड़ और लंबे इंतजार के बीच बैठने, पीने के पानी और प्राथमिक चिकित्सा जैसी सुविधाओं पर और ध्यान दिए जाने की जरूरत है।

कुछ लोगों ने कहा कि यदि समय पर चिकित्सकीय मदद मिलती तो शायद बुजुर्ग की जान बचाई जा सकती थी। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि समय पर चिकित्सा सहायता मिलने से उनकी जान बचाई जा सकती थी या नहीं।

घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। कलेक्टर और एडीएम ने परिजनों से बातचीत कर हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। अधिकारियों ने जनसुनवाई में आने वाले लोगों के लिए स्वास्थ्य और अन्य सुविधाओं की व्यवस्थाओं की समीक्षा करने की बात कही है।

सडबूड़ गांव में घटना की खबर पहुंचते ही मातम पसर गया। परिवार के मुताबिक, बादल सिंह अपनी पत्नी की परेशानी दूर कराने के लिए कलेक्ट्रेट आए थे। उन्हें अंदाजा नहीं था कि गैस कनेक्शन ट्रांसफर कराने की यह कोशिश उनकी आखिरी यात्रा साबित होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें