कूनो अभ्यारण में शावको और चीतों बढी चहल पहलकेंद्रीय वनमंत्री खूबसूरत तस्वीरें की शेयर
कूनो नेशनल पार्क में इस समय चीतों और शावकों की चहल पहल खूब देखी जा रही है। इन दिनों 17 चीते घूमते हुए दिखाई रहे हैं। चीता दामिनी अपने चारों शावकों के साथ खजूरी के जंगल से निकलकर क्षेत्र का पता लगा रही है। चीता ज्वाला अपने शावकों के साथ वीरपुर से विजयपुर-मुरैना की ओर बढ़ रही है। बाड़े में रह रही मादा चीता वीरा के शावक भी मां के साथ स्वस्थ रूप से बड़े हो रहे हैं।
बता दें कि केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पर दामिनी और उसके शावकों की तस्वीरें साझा की हैं। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को चीतों की सुरक्षा करने के निर्देश दिए। वीरपुर में चीता ज्वाला और उसके शावकों पर हुए पथराव के बाद कूनो प्रबंधन ने एक एडवाइजरी जारी की है। इसमें ग्रामीणों को निर्देश दिए गए हैं कि चीता दिखने पर वन विभाग और चीता मित्र को सूचित करें। चीतों से दूरी बनाएं और बच्चों व मवेशियों को घर के अंदर रखें। चीतों को सुरक्षित रास्ता दें, क्योंकि वे स्वयं गांव से दूर चले जाएंगे। मवेशी पर हमले की स्थिति में तेज आवाज करके चीते को भगाया जा सकता है।
ये भी पढ़ें -
सिवनी में गो-तस्करी को लेकर बड़ा खुलासा, थाना प्रभारी और भाजयुमो नेता की ऑडियो क्लिप वायरल
चीता दिखने पर अकेले जंगल में न जाएं, चीतों को डराने और लाठी डंडे से मारने का प्रयास न करें। रात में खेतों में बेवजह अकेले न रुकें, न सोएं और भीड़ न लगाएं। चीते को जाल या फंदा लगाकर पकड़ने का प्रयास न करें। चीता नजदीक है तो भागने, दौड़ने का प्रयास न करें। चीता मांसाहारी वन्यजीव है, इसके फोटो, वीडियो बनाने के लिए इसके नजदीक न जाएं। चीता किसी मवेशी को मार देता है तो चीते पर हमला न करें।
ये भी पढ़ें -
बाघिन पी-141 का शावक गायब, जिम्मेदार बोले- कभी-कभी कमजोर सदस्य को खा जाती है बाघ फैमली
कूनो वनमंडलाधिकारी आर थिरू कुरल ने बताया कि चीते कूनो राष्ट्रीय उद्यान में खुले वन क्षेत्र में छोड़े गए हैं, जो कभी-कभी वन क्षेत्र के बाहर आ जाते हैं। प्रत्येक चीते के साथ कूनो की ट्रेकिंग टीम रहती है, जो चीतों के मूवमेंट को ट्रेक करती है एवं उसके समीप रहती है। कूनो वन मंडल के आसपास लगे ग्रामों में चीतों की सुरक्षा के लिए ग्रामीणों को प्रेरित करने जन जागरण अभियान चलेगा। इसके लिए शिविर लगाए जाएंगे। इस अभियान में चीता मित्रों के अलावा 161 वन समितियों को भी सक्रिय किया जाएगा। यह फैसला चीतों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने को लेकर गुरुवार को हुई कलेक्टर, डीएफओ कूनो नेशनल पार्क अधिकारियों की बैठक में लिया गया है।