प्रीमियम ट्रेन शताब्दी एक्सप्रेस में यात्रा करने वाले यात्रियों को अब कम पानी पीकर के सफर करना होगा। रेलवे ने आदेश जारी करते हुए कहा कि सभी स्वर्ण शताब्दी और शताब्दी ट्रेनों में प्रत्येक यात्री को केवल आधा लीटर पानी की बोतल मिलेगी। हालांकि यह केवल उन ट्रेनों में लागू होगा, जिनकी यात्रा अवधि पांच घंटे की है।
अगर ट्रेन का सफर पांच घंटे से ज्यादा का है तो यात्रियों को आधा-आधा लीटर की दो बोतलें दी जाएंगी। रेलवे के डायरेक्टर टूरिज्म एंड कैटरिंग फिलिप वर्गिस की ओर से जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेनों में इस व्यवस्था को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर अगले तीन महीनों के लिए लागू किया गया है।
रेलवे ने कहा है कि पानी की बर्बादी रोकने के लिए यह फैसला किया गया है। फिलहाल इसे 30 अक्तूबर से पूरे देश में लागू कर दिया गया है। रेलवे का तर्क है कि यात्री एक लीटर पानी की बोतल मिलने पर उसका पूरा उपयोग नहीं करते हैं। ऐसे में बोतलों में पानी बच जाता है, जिसे फेंकना पड़ता है।
अगर किसी यात्री को पानी की अतिरिक्त बोतल चाहिए होगी, तो उसे यह भुगतान करने पर मिल जाएगी। यात्रियों को नई व्यवस्था के तहत आधे लीटर की रेल नीर की बोतल दी जाएगी।