राज्य साइबर पुलिस ने क्रिप्टो करंसी में निवेश का झांसा देकर 21.05 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में दूसरी बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने सागर से अकाउंट हैंडलर अंकित वर्मा निवासी रतलाम को गिरफ्तार किया है। अंकित ने शाजापुर के भाजपा जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार मालवीय द्वारा उपलब्ध कराए गए बैंक खाते का उपयोग ठगी की रकम की हेराफेरी के लिए किया था।
अंकित केवल इस ठगी में ही शामिल नहीं है, बल्कि उत्तर भारत के छह राज्यों के म्यूल खातों का बड़ा राजदार भी है। उसके मोबाइल और लैपटॉप से पुलिस को कई चौंकाने वाले रिकॉर्ड मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। म्यूल खातों की हैंडलिंग अंकित कर रहा था, जबकि टेलीग्राम एप के माध्यम से विदेश में बैठे सरगना पूरा नेटवर्क चला रहे थे। भाजपा नेता जगदीश को इस काम के लिए दो प्रतिशत कमीशन मिलता था, जबकि बाकी का काम अंकित ही करता था।
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राज्य साइबर पुलिस ने जगदीश कुमार मालवीय को भी पकड़ा, जिसने ठगी की रकम की हेराफेरी के लिए सर्व कल्याण अनुसूचित जाति एवं जनजाति नाम की संस्था का खाता दिया था। पूछताछ में जगदीश ने बताया कि उसने केवल खाता उपलब्ध कराया था, जबकि अंकित इस खाते को हैंडल कर रहा था। पुलिस ने अंकित की लोकेशन सागर में पाई और उसे गिरफ्तार कर लिया।
अंकित, जो पेशे से मैकेनिकल इंजीनियर है, पिछले डेढ़ साल से म्यूल खातों को हैंडल कर रहा था। वह ठगी की रकम को एक खाते से दूसरे राज्यों के म्यूल खातों में भेजता था। यह पूरा नेटवर्क एपीके फाइल के माध्यम से ऑपरेट हो रहा था, जिससे पुलिस को ट्रैक करना मुश्किल हो रहा था।
एक और आरोपी गिरफ्तार
राज्य साइबर पुलिस डीएसपी संजीव नयन शर्मा ने बताया कि जगदीश द्वारा उपलब्ध कराया गया खाता छह राज्यों में साइबर ठगी में इस्तेमाल हुआ है। पुलिस आरोपितों से पूछताछ कर रही है।