शहडोल के यातायात शाखा के सस्पेंड प्रधान आरक्षक विवेकानंद तिवारी एक बार फिर अपने वीडियो को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने बिना वर्दी के सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया, जिसमें वाहन चलाते समय इंडिकेटर के सही उपयोग की जानकारी देते हुए आखिर में कहते हैं कि जाइए..जाइए अब हम नहीं रोकेंगे।
अब रोकने का अधिकार नहीं रह गया। लेकिन नियम बताने का अधिकार रह गया है, वो जिंदगी भर हम बताएंगे। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
10 घंटे में 1.5 करोड़ से ज्यादा व्यूज
इंस्टाग्राम पर अपलोड किए गए इस वीडियो को महज 10 घंटे में 1.5 करोड़ से अधिक बार देखा गया। बाद में इसके व्यूज बढ़कर करीब 2.1 करोड़ (21 मिलियन) तक पहुंच गए। विवेकानंद तिवारी लंबे समय से सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करते रहे हैं और उनके वीडियो लगातार लाखों-करोड़ों लोगों तक पहुंचते रहे हैं।
सस्पेंशन के बाद दिया इस्तीफा
जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले पुलिस अधीक्षक रामजी श्रीवास्तव ने विवेकानंद तिवारी को निलंबित कर दिया था। इसके बाद उन्होंने विभाग को अपना इस्तीफा भी सौंप दिया, हालांकि अभी तक इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है।
अब पूरे देश में फैलाएंगे जागरूकता
विवेकानंद तिवारी का कहना है कि वह पूरे भारत भ्रमण का संकल्प लेकर निकलेंगे। उनका उद्देश्य देश के अलग-अलग शहरों और जिलों में जाकर बिना वर्दी के भी यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करना है। उनका कहना है कि वर्दी भले न हो, लेकिन सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने का अभियान जारी रहेगा।
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जांच भी जारी
सूत्रों के अनुसार, विभाग ने विवेकानंद तिवारी की पत्नी की आय से जुड़े मामलों की भी जांच शुरू की है। यह जांच यातायात प्रभारी संजय जायसवाल को सौंपी गई है। हालांकि, इस संबंध में विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
सोशल मीडिया पर बड़ी लोकप्रियता
विवेकानंद तिवारी के सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में फॉलोअर्स हैं। इंस्टाग्राम पर उनके करीब 33 लाख, फेसबुक पर 65 लाख और यूट्यूब पर 87 लाख फॉलोअर्स हैं, जिसके चलते उनके वीडियो तेजी से वायरल होते हैं।