बाघ के हमले में ग्रामीण की मौत।
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जिले में आबादी से लगे वनपरिक्षेत्र में जंगली जानवरों का मूवमेंट अब आमजन के लिए खतरा बनता जा रहा है। रविवार को वनमंडल दक्षिण शहडोल के वन परिक्षेत्र शहडोल के बीट अंतरा अंतर्गत पचगांव-बिरहुलिया मार्ग से लगभग दौ सौ मीटर दूर वनक्षेत्र में बाघ ने लकड़ी काटने गए एक ग्रामीण के ऊपर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। बाघ ने ग्रामीण के एक पैर को धड़ से अलग कर डाला।
मृतक की पहचान स्थानीय निवासी जमुना बैगा के रूप में हुई है। स्थानीय ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि उक्त व्यक्ति अकेले वनक्षेत्र में लकड़ी काटने गया था। वहां लकड़ी काटने के दौरान बाघ अचानक आ धमका, इससे पहले कि ग्रामीण कुछ समझ पाता बाघ ने उसके ऊपर हमला कर दिया। कुछ देर में बाघ ने ग्रामीण के शरीर के दो टुकड़े कर दिए।
घटना की जानकारी लगने के बाद वन परिक्षेत्र शहडोल के स्टाफ द्वारा मौका का मुआयना किया गया। वहां शव से लगभग 50 मीटर की दूरी पर एक साइकिल मिली, जिसमें 6 नग बल्ली कटी, लदी हुई पाई गई। वन संरक्षक वन वृत्त शहडोल अजय कुमार पाण्डेय (भावसे) के निर्देशन पर वनमण्डल अंतर्गत डॉग स्कॉड के द्वारा स्थल का मुआयना कराया गया, ताकि बाघ के मूवमेंट की दिशा का कुछ पता चल सके। वन अमले की अलग-अलग टीम वनक्षेत्रों की सतत् गश्ती कर स्थानीय ग्रामीणों को वन्यप्राणी के मूवमेन्ट की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। वनमण्डलाधिकारी वनमण्डल दक्षिण शहडोल श्रद्धा पन्द्रे (भावसे) द्वारा आमज से अपील की गई है कि वे अकेले जंगलों में न जाएं। यदि वन्यप्राणी कहीं भी दिखाई देता है तो उसे न तो परेशान करें एवं न ही वन्यप्राणी को किसी भी प्रकार का कोई नुकसान न पहुंचाएं।
दहशत में ग्रामीण
बाघ के हमले में एक व्यक्ति की मौत के बाद से अंतरा समेत आसपास के गाँवों में दहशत फैली हुई है। ग्रामीणों को इस बात का भय सता रहा है कि कही रात के अंधेरे में बाघ उनके घरो तक न पहुंच जाए। ग्रामीण काफी डरे सहमे हुए है। विदित हो कि जिले में जंगली जानवरों का रिहायसी इलाके के आसपास विचरण अब सामान्य सी बात हो गयी है। बीते माह मेडिकल कालेज आगे खेतौली पिकनिक स्पॉट में बाघ के हमले में कई लोग घायल हुए थे, लेकिन जनहानि का यह पहला मामला सामने आया है। इसके बाद अब वन परिक्षेत्र से सटे गाँवों में दहशत फ़ैल गयी है। वन विभाग द्वारा ग्रामीणों से सचेत रहने एवं जंगल की ओर नहीं जाने की अपील की जा रही है, ताकि किसी भी खतरे से बचा जा सके।