शहडोल पुलिस के आरक्षकों की करतूत
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प्रदेश में पुलिसकर्मियों के अपराध में लिप्त होने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। अब शहडोल से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां बंद कमरे में युवक युवती आपत्तिजनक हालत थे, तभी दो पुलिसकर्मियों ने उनका वीडियो अपने मोबाइल में बना लिया और युवक को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। इसके एवज में पुलिसकर्मियों ने युवक से मोटी रकम ऐंठ ली। मामला जब अधिकारियों तक पहुंचा तो एसपी ने कोतवाली थाने के दो आरक्षकों को निलंबित कर दिया।
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विभागीय जानकारी के अनुसार कोतवाली में पदस्थ आरक्षक पप्पू यादव और आलोक मिंज पांडवनगर बीट देख रहे थे। तीन चार दिनों पहले आरक्षकों को जानकारी मिली कि पड़ोसी जिले से आकर एक युवक किराए के मकान में युवती के साथ रुका हुआ है। दोनों पुलिसकर्मियों ने कमरे में पहुंचकर पहले आपत्तिजनक स्थिति का वीडियो बनाया और इसके बाद दोनों को डराना धमकाना शुरू कर दिया। उन्होंने वीडियो डिलीट करने और मामले को दबाने के लिए युवक से करीब 3 लाख रुपयों की मांग की गई।
युवक इतना दबाव में आ गया कि तत्काल अपने परिचितों से पैसे मंगाकर पुलिसकर्मियों को दे दिया। पीड़ित युवक ने जिन परिचितों से पैसा मंगाया था, उन्होंने युवक से मामले की जानकारी पूछी, जिसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत करने को कहा। पीड़ित युवक साक्ष्य के साथ पुलिस अधीक्षक रामजी श्रीवास्तव के पास मामले की शिकायत की। एसपी ने दोनों आरक्षकों तलब किया और घटना के संबंध में पूछताछ की। पहले तो दोनों पुलिसकर्मियों ने अपने आप को इस मामले से अनभिज्ञ होना बताया, लेकिन जब अधिकारी ने पूरे घटनाक्रम को विस्तार से पूछा तो डरा धमका कर पैसा लेना स्वीकार किया। इसके बाद एसपी ने दोनों आरक्षकों को तत्काल सस्पेंड कर दिया।