शहडोल में निजी विद्यालय के संचालक ने छठवीं में पढ़ने वाले छात्र को फीस जमा न होने से स्कूल से भगा दिया, जिसके बाद मां और मामा ने साजिश रची और छात्र का अपहरण करवा दिया। मामला तूल पकड़ा और पुलिस ने रीवा जिले के बिछिया थाने से छात्र को दस्तयाब कर ब्यौहारी ले आई और पूछताछ में यह पूरा खुलासा चौंकाने वाला हुआ।
बताया गया कि चार दिन पहले ब्यौहारी थाना क्षेत्र के नगर में संचालित एक निजी विद्यालय में छठवीं का छात्र पड़ता था। पिता मजदूरी करने के लिए महाराष्ट्र गए हुए थे, छात्र की फीस 3 महीने से जमा नहीं हुई थी, जिसके बाद स्कूल संचालक ने छात्र को स्कूल से कई बार भगा दिया। मां परेशान थी और लगातार स्कूल संचालक से विनती कर रही थी कि साहब इसके पिता के आते ही आपकी फीस चुका दूंगी, लेकिन संचालक मानने को तैयार नहीं था और फिर चार दिन पहले स्कूल पहुंचे छात्र को फीस जमा न होने की वजह से संचालक ने स्कूल से भगा दिया।
परेशान मां अपने भाई मतलब छात्र के मामा के साथ मिलकर एक बड़ी साजिश रची। स्कूल से भगाया गया छात्र जब घर पहुंचा तो उसने बताया कि आज फिर स्कूल से उसे फीस जमा ना होने की वजह से भगा दिया गया है। नाराज मां छात्र के मामा के साथ मिलकर उसका अपहरण करवा दिया और रिश्तेदारी में रीवा भेज दिया। जब मामला तूल पकड़ा तो पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम को खोल कर रख दिया है।
थाना प्रभारी अरुण पांडे ने बताया है कि मंगलवार की शाम छात्र के लापता होने की शिकायत थाने आई थी। छात्र नाबालिग था, जिसकी वजह से मामले पर अपहरण का मामला दर्ज कर तलाश की गई। पता लगा कि छात्र के स्कूल की फीस जमा नहीं थी, स्कूल प्रबंधन पर दबाव बनाने के लिए मां और मामा ने साजिश रच कर छात्र को रीवा भेज दिया था। जब मामला तूल पकड़ा तो मां ने छात्र को रीवा के बिछिया थाने के सामने खड़ा कर दिया और छात्र बिछिया पुलिस के पास पहुंचा और उसने बताया कि मुझे किसी ने अपहरण कर यहां लेकर आया है।
बिछिया पुलिस ने ब्यौहारी थाने में मामले की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने छात्र को ब्यौहारी लाया है। पूरे मामले को पुलिस ने खोलकर रख दिया है, जिसमें यह स्पष्ट हो गया है कि स्कूल की फीस न जमा होने से छात्र को बार-बार स्कूल से भगाया जा रहा था। मां और मामा ने मिलकर स्कूल प्रबंधन पर दबाव बनाया और छात्र का अपहरण करवा लिया था। मामले पर पुलिस अब विवेचना कर रही है।