Shahdol: विशेष न्यायाधीश ने आरोपियों लट्टू उर्फ मजीद खान, राजमन गुप्ता, रविकांत पटेल और राजीव पटेल को अवैध गांजा व्यापार में संलिप्त पाते हुए सजा सुनाई। अभियोजन की ओर से एसके त्रिपाठी, अपर लोक अभियोजक ने मामले की पैरवी की।
शहडोल जिले की विशेष न्यायालय ने गांजा तस्करी के आरोप में चार व्यक्तियों को 10-10 वर्ष के कारावास और डेढ़-डेढ़ लाख रुपए के अर्थदंड से दण्डित किया है। हाल ही में यह मामला उस समय सामने आया जब पुलिस ने अवैध गांजा के व्यापार में संलिप्त चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
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यह घटना 9 मई 2023 की है, जब सहायक उपनिरीक्षक सुशील कुमार तिवारी अपनी टीम के साथ गश्त पर थे। उन्हें मुखबिर की सूचना मिली कि बंधा टोला मगरदहा तिराहा के पास कुछ लोग ग्राम नकुनी करौंदिया के मध्य जंगल में अवैध रूप से गांजा का व्यापार कर रहे हैं। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने बताए गए स्थान पर दबिश दी और वहां से दो वाहन की डिक्की से कुल 60 किलो गांजा बरामद किया गया था, आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया और एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर न्यायालय में डायरी पेश की गई जिस पर यह सजा सुनाई गई है। सहायक उप निरीक्षक के साथ अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका इस कार्रवाई में महत्वपूर्ण थी।
विशेष न्यायाधीश ने आरोपियों लट्टू उर्फ मजीद खान, राजमन गुप्ता, रविकांत पटेल और राजीव पटेल को अवैध गांजा व्यापार में संलिप्त पाते हुए सजा सुनाई। अभियोजन की ओर से एसके त्रिपाठी, अपर लोक अभियोजक ने मामले की पैरवी की। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों को कठोर सजा सुनाई और उनके खिलाफ सभी साक्ष्यों को मान्य किया।एसके त्रिपाठी ने कहा हमने इस मामले में सभी आवश्यक साक्ष्य प्रस्तुत किए थे और अदालत ने तर्कों को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लिया।इस मामले ने शहडोल जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के प्रति एक नई चेतना जागरूक की है।