ज्ञापन देने के बाद ग्रुप में खड़े युवा कांग्रेस के लोग
बिरसा मुंडा चिकित्सा महाविद्यालय में अव्यवस्थाओं का आलम है, जिसका युवा कांग्रेस ने विरोध कर संभागायुक्त को ज्ञापन सौंपकर जल्द से जल्द व्यवस्थाओं को सुधारने की बात कही है। युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अनुपम गौतम ने बताया कि नए डीन के आने के बाद कई विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने इस्तीफा दे दिया और दूसरे जिलों में जाकर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अब शहडोल मेडिकल कॉलेज में एनेस्थीसिया के विशेषज्ञ भी नहीं बचे हैं। जिससे अब मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है।
शहडोल संभाग आदिवासी अंचल है, शासन ने मेडिकल कॉलेज तो बनवा दिया, लेकिन यहां अब विशेषज्ञों की कमी बन गई है। ऐसी बात कहते हुए युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में दर्जनों लोगों ने कमिश्नर को ज्ञापन सौंपकर व्यवस्थाओं को सुधार करने की बात कही है। मेडिकल कॉलेज शहडोल में फैली हुई अव्यवस्थाओं के विरोध में युवा कांग्रेस शहडोल ने संभागायुक्त को ज्ञापन सौंपा है। उक्त ज्ञापन में निम्न मुद्दों पर जोर दिया गया। सोनोग्राफी मशीनों के संचालन के लिए रेडियोलोजिस्ट की नियुक्ति की जाए।
सभी विभागों के विशेषज्ञों की नियुक्ति एवं रिक्त पदों की भर्ती की जाए। एनेस्थेसिया विशेषज्ञ से ही एनेस्थेसिया करवाया जाए। जूनियर डॉक्टर से एनेस्थेसिया करवाकर मरीजों की जान से खिलवाड़ न किया जाए। प्रदेश का यह पहला संस्थान है, जो हायर सेंटर होकर भी लोअर सेंटर को मरीज रेफर करता है। इस अव्यवस्था को समाप्त किया जाए।
बीते महीनो पहले व्यवस्थाएं सही चल रही थी, युवा कांग्रेस के अध्यक्ष अनुपम गौतम ने बताया कि नए डीन के आते ही कई विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने इस्तीफा दे दिया और अन्य जिलों में जाकर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अगर यही हालात रहे तो शासन को मेडिकल कॉलेज बंद करना पड़ेगा। हम लोगों ने इसलिए ज्ञापन सौंपा है कि व्यवस्थाएं सुधार ली जाए, नहीं तो इस मामले में एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। अगर व्यवस्थाएं नहीं सुधरी तो धरना प्रदर्शन भी करेंगे।