शहडोल के खन्नौधी वन परिक्षेत्र में वन विभाग ने चीतल के शिकार के मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान एक आरोपी के घर से पका हुआ चीतल का मांस और एक सींग बरामद हुआ है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। शिकार किस स्थान पर हुआ, इसकी अभी जांच जारी है।
चीतल का मांस पकाकर खा रहा था युवक
दक्षिण वनमंडल शहडोल के खन्नौधी वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम सलदा में वन विभाग ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की। सूचना मिली थी कि गांव निवासी बंसीलाल बैगा (42) अपने घर में चीतल का मांस पकाकर खा रहा है।
वन्यजीव अवशेषों को जब्त किया
वन विभाग की टीम ने बंसीलाल के घर पर दबिश दी। तलाशी के दौरान झोपड़ी में रखे बर्तन से पके हुए चावल के साथ चीतल का मांस बरामद हुआ। वहीं घर के अंदर से चीतल का एक सींग भी मिला। जब वन अधिकारियों ने इन अवशेषों के संबंध में वैध दस्तावेज मांगे तो आरोपी कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद बरामद वन्यजीव अवशेषों को जब्त कर लिया गया।
विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया
पूछताछ में बंसीलाल ने बताया कि उसने गांव के ही संतोष सिंह (31) के साथ मिलकर चीतल का मांस खाया था। इसके आधार पर वन विभाग ने दोनों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया। आरोपियों ने मांस लाया कहा से और शिकार कहा हुआ अभी जांच जारी है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल शहडोल भेज दिया गया।
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वन विभाग के अनुसार कार्रवाई वन संरक्षक महेंद्र प्रताप सिंह और दक्षिण वनमंडल की डीएफओ श्रद्धा पन्द्रे के निर्देशन में की गई। अभियान में वन परिक्षेत्राधिकारी, वनपाल, वनरक्षक और अन्य कर्मचारियों की अहम भूमिका रही।