सीएम डॉ. मोहन ने तेंदूपत्ता संग्राहकों के खातों में ट्रांसफर किए 22 करोड़ 89 लाख
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शहडोल प्रवास के दौरान जिले में औद्योगिक विकास, शिक्षा और खेल सुविधाओं के विस्तार को लेकर कई घोषणाएं कीं। इनमें इस्पात फैक्टरी की स्थापना, इनडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, गीता भवन, निजी विश्वविद्यालय और कॉमन कॉलेज खोलने की बात शामिल है। मुख्यमंत्री ने हाथियों के उत्पात से प्रभावित परिवारों को राहत देने के साथ किसानों की फसलों की सुरक्षा के लिए खेतों में फेंसिंग कराने की भी बात कही।
उद्योग स्थापना से रोजगार की उम्मीद
जिले में इस्पात फैक्टरी स्थापित करने की घोषणा को रोजगार की दृष्टि से अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इससे करीब चार हजार लोगों को रोजगार मिलने का दावा किया। हालांकि, फैक्टरी कहां स्थापित होगी और इसका निर्माण कब शुरू होगा, इस संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
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उच्च शिक्षा और खेल सुविधाओं का होगा विस्तार
शहडोल में निजी विश्वविद्यालय और कॉमन कॉलेज खोलने की घोषणा भी की गई है। इन संस्थानों की स्थापना से जिले के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए नए विकल्प मिलने की उम्मीद है। वहीं, इनडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना से खिलाड़ियों को अभ्यास और खेल गतिविधियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। शहर में गीता भवन बनाने की घोषणा भी की गई।
हाथियों से प्रभावित परिवारों को मिलेगी राहत
जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जंगली हाथियों के कारण मकानों और फसलों को नुकसान पहुंचने की समस्या के बीच मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को राहत देने की बात कही। उन्होंने कहा कि सर्वे के आधार पर प्रभावित परिवारों के लिए पक्के मकान बनवाए जाएंगे। इससे हाथियों के उत्पात में घर क्षतिग्रस्त होने से प्रभावित परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।
किसानों की फसलों को हाथियों से बचाने के लिए खेतों में फेंसिंग कराने की भी बात कही गई। हालांकि, इस व्यवस्था को किन क्षेत्रों में लागू किया जाएगा, इसके लिए बजट कितना होगा और काम कब तक शुरू होगा, इसकी जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है।
461.83 करोड़ के कार्यों का भूमिपूजन-लोकार्पण
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में जिले के विकास कार्यों को भी प्रमुखता दी गई। कार्यक्रम में 461.83 करोड़ रुपये की लागत के 134 विकास कार्यों के भूमिपूजन और लोकार्पण की जानकारी दी गई। इसके साथ ही जनकल्याणकारी योजनाओं और तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस वितरण से जुड़ा कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। घोषित योजनाओं के क्रियान्वयन, परियोजनाओं की समयसीमा और निर्माण कार्यों की शुरुआत पर अब जिले के लोगों की नजर रहेगी।